अगरतला, आठ अगस्त त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने मंगलवार को राज्य के पुलिस अधिकारियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें रोहिंग्या और बांग्लादेशियों की अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर चर्चा की गई।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने हाल ही में कहा था कि बांग्लादेश के रोहिंग्या घुसपैठिये दलालों की मदद से दिल्ली या कश्मीर जाने के लिए त्रिपुरा को गलियारे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
साहा ने यहां प्रज्ञा भवन में बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने त्रिपुरा में रोहिंग्या और बांग्लादेशियों की अवैध घुसपैठ पर विस्तृत चर्चा की।’’
साहा ने कहा कि उन्होंने हाल ही में यह देखने के लिए उनाकोटि जिले का दौरा किया था कि बाढ़ ने कैसे बांग्लादेश के साथ लगी कंटीले तारों वाली अंतरराष्ट्रीय बाड़ को व्यापक नुकसान पहुंचाया है।
उन्होंने कहा, ‘‘नदी ने वहां अपनी दिशा बदल ली है, जिससे बाड़ को व्यापक नुकसान हुआ है। अब, घुसपैठिये सीमा पार करने के लिए क्षतिग्रस्त हिस्से का उपयोग कर रहे हैं। पुलिस घुसपैठ के प्रयासों को रोकने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ समन्वय बढ़ाएगी।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशीले पदार्थों के खतरे पर कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा, ‘‘हमने इस मुद्दे पर चर्चा की और पुलिस नशीले पदार्थ के खतरे से गंभीरता से निपट रही है। मादक पदार्थ गिरोह के सरगनाओं को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।’’
साहा ने दावा किया कि राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति अच्छी है। साहा ने कहा, ‘‘राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, त्रिपुरा देश के उन राज्यों में से एक है, जहां अपराध सबसे कम है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे यह कहते हुए गर्व महसूस हो रहा है कि राज्य फरवरी में हिंसा मुक्त चुनाव का गवाह बना और इसका श्रेय राज्य पुलिस को जाता है।’’ उन्होंने कहा कि राज्य का पहला साइबर अपराध पुलिस थाना सितंबर तक बन जाएगा।
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