कलिम्पोंग/धूपगुड़ी (पश्चिम बंगाल), 12 अप्रैल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को लेकर पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर पहाड़ के लोगों के बीच झूठ फैलाकर डर पैदा करने का आरोप लगाया और कहा कि गोरखा समुदाय पर इसका असर नहीं पड़ेगा।
कलिम्पोंग में एक रोडशो के बाद शाह ने कहा कि जब तक केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार है, गोरखा लोगों को कोई परेशानी नहीं होगी।
भाजपा के वरिष्ठ नेता शाह ने कहा, ‘‘एनआरसी अभी लागू नहीं हुआ है लेकिन जब भी ऐसा होगा, एक भी गोरखा को जाने के लिए नहीं कहा जाएगा।’’
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ‘‘तृणमूल कांग्रेस गोरखा लोगों के बीच डर पैदा करने के लिए एनआरसी पर झूठ फैला रही है।’’
शाह ने दावा किया कि दार्जिलिंग और कलिम्पोंग को लंबे समय से अत्याचार झेलना पड़ रहा है और 1986 में 1200 से ज्यादा गोरखा लोगों की जान गयी लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिला।
गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि हालिया समय में कई गोरखा लोगों की मौत के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार भी जिम्मेदार है।
‘जय श्री राम’ और ‘जय गोरखा’ के नारों के बीच शाह ने कहा, ‘‘हम एक एसआईटी गठित करेंगे और गलत करने वाले जिम्मेदार लोगों को जेल भेजेंगे।’’
दार्जिलिंग और इसके आसपास के इलाके में अलग गोरखालैंड की मांग को लेकर 1986 और 2017 में कई आंदोलन हुए।
शाह ने लोगों से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को शानदार विदाई देने के लिए कहते हुए भाजपा को 200 से ज्यादा सीटों पर जीत दिलाने की अपील की।
अपना इस्तीफा तैयार रखने की बात कहते हुए गृह मंत्री ने रैली में लोगों से पूछा कि क्या वे चाहते हैं कि चौथे चरण के मतदान के दौरान सीआईएसएफ की गोलीबारी में चार लोगों की मौत के मद्देनजर वह त्यागपत्र दे दें। शाह ने कहा, ‘‘अगर लोग चाहेंगे तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। ’’
धूपगुड़ी में पांचवे चरण में शनिवार को मतदान होगा।
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