नयी दिल्ली, 22 सितंबर दूरसंचार क्षेत्र के नियामक ट्राई ने इंटरनेट प्रदाताओं के नेट निरपेक्षता प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिये दूरसंचार विभाग को बहुपक्षीय निकाय गठित करने का सुझाव दिया है। उसने प्रस्तावित निकाय के लिये व्यापक रूपरेखा का उल्लेख किया है।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने कहा कि बहुहितधारकों के निकाय की भूमिका नेट निरपेक्षता सिद्धांतों की निगरानी और उसे अमल में लाने को लेकर दूरसंचार विभाग को परामर्श और समर्थन देने की होगी।
यह भी पढ़े | Farm Bills 2020: अपनी ही सरकार के खिलाफ अकाली दल पंजाब में 25 सितंबर को करेगा ‘चक्का जाम’.
ट्राई ने नेट निरपेक्षता को लेकर ‘ट्रैफिक’ प्रबंधन गतिविधियों और बहुपक्षीय निकाय को लेकर अपनी सिफारिशें दी हैं।
नियामक के अनुसार प्रस्तावित समिति में सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं, इंटरनेट प्रदाताओं और तकनीकी समुदाय, नागरिक समाज संगठनों, उपभोक्ताओं और सरकार से संबंधित प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाना चाहिए।
ट्राई ने अपनी सिफारिशों में कहा है, ‘‘दूरसंचार विभाग इंटरनेट प्रदाताओं के नेट निरपेक्षता प्रावधान का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिये बहुपक्षीय निकाय गठित कर सकता है।’’
प्रस्तावित निकाय ‘इंटरनेट ट्रैफिक’ प्रबंधन के मामले में बेहतर गतिविधियां अपनाये जाने के संदर्भ में उपयुक्त तकनीकी मानदंडों और तौर-तरीकों की भी सिफारिश करने में मदद कर सकता है।
ट्राई के अनुसार प्रस्तावित बहुपक्षीय निकाय का गठन एक गैर-लाभकारी संगठन के रूप में किया जा सकता है। यह नेट निरपेक्षता के संदर्भ में तकनीकी मानक तैयार करने और तौर-तरीकों को परिभाषित करने में मदद कर सकता है।
नेट निरपेक्षता का सिद्धांत सेवा प्रदाताओं को इंटरनेट सामग्री और सेवाओं को लेकर ग्राहकों के बीच भेदभाव करने से रोकता है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY