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Rains in Shimla: शिमला में मौसम ने ली करवट, बेमौसम बारिश से गर्मी का सितम हुआ कम, पर्यटकों के चेहरे खिले; देखें VIDEO

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में मंगलवार को हुई अचानक बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दिलाई है. मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए राज्य के कई जिलों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं के साथ बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.

Rains in Shimla: शिमला में मौसम ने ली करवट, बेमौसम बारिश से गर्मी का सितम हुआ कम, पर्यटकों के चेहरे खिले; देखें VIDEO
(Photo Credits ANI)

Rains in Shimla:  हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला और आसपास के इलाकों में मंगलवार, 28 अप्रैल को हुई अचानक बारिश ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है. पिछले कुछ दिनों से बढ़ रहे तापमान के कारण पहाड़ों में भी गर्मी का अहसास होने लगा था, लेकिन ताजा बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया है. मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आने वाले 48 घंटों के दौरान राज्य के मध्य और उच्च पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है.

तापमान में भारी गिरावट दर्ज

शिमला में मंगलवार दोपहर बाद आसमान में घने बादल छा गए और फिर तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई. इससे अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है. मैदानी इलाकों की चिलचिलाती गर्मी (40-44 डिग्री) से बचकर शिमला पहुंचे पर्यटकों के लिए यह मौसम किसी वरदान से कम नहीं रहा. माल रोड और रिज मैदान पर बड़ी संख्या में पर्यटक इस ठंडे मौसम का आनंद लेते नजर आए.

शिमला में मौसम ने ली करवट

मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 और 30 अप्रैल के लिए शिमला, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और ओलावृष्टि (Hailstorm) होने की प्रबल संभावना है. इसके अलावा, चंबा, सोलन और सिरमौर जैसे जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण 4 मई तक प्रदेश में मौसम खराब बना रह सकता है.

कृषि और बागवानी पर प्रभाव

जहाँ एक ओर इस बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर बागवानों के लिए यह चिंता का विषय बन गई है. अप्रैल के महीने में ओलावृष्टि और तेज हवाएं सेब के बगीचों और अन्य तैयार फसलों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती हैं. विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे ओलावृष्टि से बचाव के लिए एंटी-हेल नेट का उपयोग करें और कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें.

यातायात और पर्यटकों के लिए सावधानी

प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को खराब मौसम के दौरान ऊंचे पहाड़ी रास्तों और नदी-नालों के पास न जाने की सलाह दी है. बारिश और ओलावृष्टि के कारण सड़कों पर फिसलन हो सकती है और दृश्यता कम होने से यातायात प्रभावित होने की आशंका है. आने वाले कुछ दिनों तक पर्यटकों को अपने साथ गर्म कपड़े और छाता रखने का सुझाव दिया गया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 28, 2026 02:19 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).