जरुरी जानकारी | ट्राई ने ब्रॉडबैंड की गति के बारे में संबद्ध पक्षों से विचार मांगे

नयी दिल्ली, 20 अगस्त दूरसंचार नियामक ट्राई ने बृहस्पतिवार को मोबाइल और फिक्स्ड लाइन सेवा दोनों के लिये विभिन्न श्रेणी में ब्रॉडबैंड की गति परिभाषित करने के बारे में लोगों के विचार मांगे। नियामक ने मौजूदा नीति के उद्देश्य को पूरा करने के लिये गति बढ़ाने के उपायों के बारे में भी सुझाव मांगे।

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने इस संदर्भ में परिचर्चा पत्र जारी किया है। दूरसंचार विभाग के आग्रह पर यह कदम उठाया गया है। इस पहल का मकसद देश में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना है और राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति (एनडीसीपी), 2018 के तहत ब्रॉडबैंड स्पीड बढ़ाने के लिये उपायों को तलाशना है।

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ट्राई ने परामर्श पत्र में कहा, ‘‘...ऐसा लगता है कि दूरसंचार विभाग प्राधिकरण की फिक्स्ड और मोबाइल ब्रॉडबैंड परिभाषित करने, ढांचागत सुविधा सृजित करने के लिये अनूठा रुख, ब्रॉडबैंड को बढ़ावा देने और ब्रॉडबैंड की गति बढ़ाने के उपायों के बारे में सिफारिशें चाहता है।’’

नियामक ने कहा कि इस बारे में टिप्पणी 21 सितंबर तक दी जा सकती है और उस पर जवाबी प्रतिक्रिया पांच अक्टूबर तक भेजी जा सकती है।

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एनडीसीपी 2018 के तहत प्रत्येक नागरिक को 2020 तक सार्वभौमिक ब्रॉडबैंक कनेक्टिविटी 50 मेगाबिट प्रति सेकेंड (एमबीपीएस), सभी ग्राम पंचायतों को एक जीबीपीएस कनेक्टविटी तथा 2022 तक 10 जीबीपीएस गति उपलब्बध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

ट्राई ने कहा कि पिछले पांच-छह साल में उसने बॉडबैंड संबंधित मुद्दों पर सरकार को कई सिफारिशें दी हैं। ‘‘उनमें से कुछ अभी भी सरकार के विचारार्थ है। एनडीसीपी 2018 में कई नई नणनीति की पहचान की गयी है जिसे क्रियान्वित करने की जरूरत है।’’

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