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अदालत के हस्तक्षेप के बाद ‘अवैध’ पृथक-वास से रिहा किया गया ट्रेड यूनियन सदस्य को

कार्यकर्ता के. नारायणन को रिहा किया गया और उनके परिवार के पास जाने की इजाजत दी गयी। इससे पहले उच्च न्यायालय ने कहा कि अगर कोरोना वायरस के लिए उनकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है तो उन्हें अनिश्चितकाल के लिए पृथक नहीं रखा जा सकता।

अदालत के हस्तक्षेप के बाद ‘अवैध’ पृथक-वास से रिहा किया गया ट्रेड यूनियन सदस्य को
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मुंबई, पांच मई बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमस) ने मंगलवार को बंबई उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद एक ट्रेड यूनियन कार्यकर्ता को रिहा किया जिसे निगम और पुलिस ने इस महीने की शुरुआत में ‘अवैध तरीके से पृथक-वास’ में रखा था।

कार्यकर्ता के. नारायणन को रिहा किया गया और उनके परिवार के पास जाने की इजाजत दी गयी। इससे पहले उच्च न्यायालय ने कहा कि अगर कोरोना वायरस के लिए उनकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है तो उन्हें अनिश्चितकाल के लिए पृथक नहीं रखा जा सकता।

नारायणन के वकील क्रांति एल सी ने बताया कि न्यायमूर्ति रेवती मोहिते-देरे ने कहा कि किसी को हिरासत में रखने के लिए बहाने के तौर पर पृथक-वास का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

न्यायमूर्ति रेवती ने निर्देश दिया कि नारायणन को छोड़ा जाए और उसका सामान लौटाया जाए।

अदालत ने श्रमिक संगठन सीटू की एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई की जिसमें नारायणन को छोड़े जाने की मांग की गयी थी।

याचिका के मुताबिक, नारायणन को पुलिस ने 21 अप्रैल को पकड़ा था जब वह अंधेरी में प्रवासी मजदूरों को भोजन आदि बांट रहे थे।

वह और उनके कुछ साथी कोविड-19 के कारण लागू लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों की दुर्दशा को उजागर करने के लिए आयोजित सीटू के राष्ट्रीय प्रदर्शन के तहत झंडे और प्लेकार्ड भी लहरा रहे थे।

नारायणन की ओर से वरिष्ठ वकील गायत्री सिंह ने कहा कि नारायणन के दो साथियों को जाने दिया गया, वहीं उन्हें जोगेश्वरी इलाके की एक निजी प्रयोगशाला में ले जाया गया और कोरोना वायरस संक्रमण की जांच कराई गयी।

उन्हें बताया गया कि प्रक्रिया के तहत उनकी जांच रिपोर्ट 48 घंटे के भीतर उनके फोन पर भेज दी जाएगी। हालांकि उन्हें घर जाने देने के बजाय पुलिस ने उनका फोन ले लिया और उन्हें एक पृथक-वास केंद्र में ले गयी।

अदालत ने कहा कि कार्यकर्ता को पृथक-वास की अवधि समाप्त होने के बाद भी हिरासत में रखना कानून सम्मत नहीं है। उसने कार्यकर्ता को तत्काल छोड़ने का निर्देश दिया।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 05, 2020 10:27 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).