देश की खबरें | शीर्ष अदालत ने जन प्रतिनिधित्व कानून के तहत उप्र में केजरीवाल के खिलाफ कार्यवाही पर रोक लगाई

नयी दिल्ली, 17 फरवरी उच्चतम न्यायालय ने 2014 के आम चुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश में भाजपा एवं कांग्रेस के विरूद्ध कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ कार्यवाही पर शुक्रवार को रोक लगा दी।

केजरीवाल इलाहाबाद उच्च न्यायायल की लखनऊ पीठ के विरूद्ध शीर्ष अदालत गये थे। पिछले महीने उच्च न्यायालय ने सुल्तानपुर में एक निचली अदालत में लंबित आपराधिक मामले में केजरीवाल को आरोप मुक्त करने से इनकार कर दिया था।

प्राथमिकी में केजरीवाल को जन प्रतिनिधित्व कानून, 1951 की धारा 125 के तहत अपराध को लेकर आरोपित किया गया है। यह धारा चुनाव के सिलसिले में विभिन्न वर्गों के बीच वैमनस्य फैलाने से जुड़ी है।

केजरीवाल की याचिका न्यायमूर्ति के एम जोसेफ और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना की पीठ के सामने सुनवाई के लिए आयी। पीठ ने इस याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया और अगली सुनवाई की तारीख तक इस मामले में सुनवाई पर रोक लगा दी।

शीर्ष अदालत ने कहा कि इस याचिका पर पांच हफ्ते बाद सुनवाई होगी।

केजरीवाल ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था, ‘‘ जो कांग्रेस को वोट देगा, मेरा मानना है, देश के साथ गद्दारी होगी.... जो भाजपा को वोट देगा, उसे खुदा भी माफ नहीं करेगा...।’’

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