नयी दिल्ली, 17 जून उच्चतम न्यायालय ने 200 करोड़ रुपये की जबरन वसूली के एक मामले में कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर की पत्नी लीना पॉलोज की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उसने दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष अपनी जमानत याचिका पर शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया था।
न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि वह उसकी जमानत याचिका पर उच्च न्यायालय में शीघ्र सुनवायी सुनिश्चित करने की व्यवस्था नहीं कर सकती। पीठ ने कहा, "विशेष अनुमति याचिका खारिज की जाती है। लंबित आवेदन भी खारिज माने जाएं।"
पॉलोज ने उच्च न्यायालय के 20 मई के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया था, जिसमें उसकी जमानत याचिका पर नोटिस जारी किया गया था और सुनवायी की तिथि 30 जुलाई तय की गई थी।
दिल्ली पुलिस ने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह और मालविंदर सिंह की पत्नियों से 200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में चंद्रशेखर के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की थी।
देश भर में उनके खिलाफ कई अन्य जांच चल रही हैं।
चंद्रशेखर और पॉलोज ईडी द्वारा दर्ज धनशोधन मामले में कार्यवाही का सामना कर रहे हैं। दोनों को दिल्ली पुलिस ने सिंह भाइयों की पत्नियों और कुछ अन्य लोगों से जुड़े जबरन वसूली मामले में गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने मामले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) भी लगाया है।
दिल्ली पुलिस ने आरोप लगाया था कि पॉलोज, चंद्रशेखर और अन्य सह-आरोपियों ने हवाला मार्गों का इस्तेमाल किया और अपराध की आय के रूप में अर्जित धन को ठिकाने लगाने के लिए फर्जी कंपनियां बनायीं।
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