देश की खबरें | टूलकिट मामला: दिशा रवि की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को मुंबई की वकील, पुणे के इंजीनियर की तलाश

नयी दिल्ली, 15 फरवरी दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने सोमवार को दावा किया कि खालिस्तानी तत्वों के साथ मिलकर ‘‘भारत की छवि को धूमिल करने” के उद्देश्य से किसानों के आंदोलन से संबंधित एक ‘टूलकिट’ बनाने के मामले में जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि के साथ मुंबई की एक वकील और बीड का एक इंजीनियर भी शामिल हैं।

संयुक्त पुलिस आयुक्त (साइबर) प्रेम नाथ ने बताया कि वकील निकिता जैकब और इंजीनियर शांतनु मुलुक के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किये गये है। ये दोनों फरार हैं। उन्होंने बताया कि गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा से 15 दिन पहले 11 जनवरी को इन दोनों ने ‘खालिस्तान समर्थक समूह’ पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन (पीएफजे) द्वारा ऑनलाइन जूम ऐप के माध्यम से आयोजित एक बैठक में भाग लिया था।

नाथ ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बैठक में ‘‘ग्लोबल फार्मर स्ट्राइक’’ और ‘‘ग्लोबल डे ऑफ एक्शन, 26 जनवरी’’ शीर्षक से टूलकिट बनाने के तौर तरीकों पर फैसला लिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि वे पीटर फ्रेडरिक नामक एक व्यक्ति के जरिये आईएसआई के संबंधों की जांच कर रहे हैं जिसका नाम दस्तावेज़ में है और जिसे संगठन के एक संचालक के साथ जुड़ा हुआ माना जाता है।

दिल्ली पुलिस ने कहा कि जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि के साथ निकिता और शांतनु ने किसानों के आंदोलन के संबंधित ‘‘टूलकिट’’ बनाई थी और भारत की छवि को धूमिल करने के लिए उसे अन्य लोगों के साथ साझा किया था।

पुलिस ने दावा किया कि बेंगलुरु से शनिवार को गिरफ्तार की गई दिशा रवि ने जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग को टेलीग्राम ऐप के जरिये ‘‘टूलकिट’’ भेजी थी और उस पर कार्रवाई करने के लिए उसे राजी किया था।

‘टूलकिट’ में ट्विटर के जरिये किसी अभियान को ट्रेंड कराने से संबंधित दिशानिर्देश और सामग्री होती है।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि किसानों के आंदोलन से जुड़ी एक ‘टूलकिट’ कथित तौर पर बनाने के लिए निकिता और शांतनु के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किये गये है।

उन्होंने कहा, ‘‘टूलकिट का उद्देश्य भारत की छवि को धूमिल करना था।’’

इसके एक दिन बाद दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि जैकब और मुलुक की गिरफ्तारी के लिए वे मुंबई, बेंगलुरु और बीड समेत कई स्थानों पर छापेमारी कर रहे हैं।

नाथ ने कहा, ‘‘दिशा, शांतनु और निकिता ने टूलकिट का निर्माण और संपादन किया। दिशा ने टेलीग्राम ऐप के जरिए ग्रेटा थनबर्ग को टूलकिट भेजी। दिशा ने उस व्हाट्सएप समूह को डिलीट कर दिया जो उसने टूलकिट को प्रचारित करने के लिए बनाया था। दिशा की गिरफ्तारी के दौरान विधिवत प्रक्रिया का पालन किया गया है।’’

दिशा को गत शनिवार को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया था और दिल्ली की एक अदालत ने उसे रविवार को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, दोनों पर दस्तावेज तैयार करने और ‘‘खालिस्तान-समर्थक तत्वों’’ के सीधे सम्पर्क में होने का आरोप है।

इस बीच जैकब और मुलुक ने अग्रिम ट्रांजिट जमानत के लिए सोमवार को बंबई उच्च न्यायालय का रुख किया।

उनकी याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई होगी। जैकब ने मुंबई में जबकि मुलुक ने उच्च न्यायालय की औरंगाबाद पीठ में याचिका दाखिल की है।

दोनों ने चार सप्ताह के लिये अग्रिम जमानत की मांग की है, ताकि वह दिल्ली में अग्रिम जमानत याचिका दायर करने के लिये संबंधित अदालत का रुख कर सकें।

उच्च न्यायालय ने कहा कि वह मंगलवार को याचिका पर सुनवाई करेगा।

वकील ने अपनी याचिका में कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि मामले में उनका नाम बतौर आरोपी या गवाह के तौर पर आया है।

याचिका में कहा गया, ‘‘आवेदक (जैकब) को डर है कि उन्हें राजनीतिक प्रतिशोध और ‘मीडिया ट्रायल’ के कारण गिरफ्तार किया जा सकता है।’’

याचिका में कहा गया कि मामले में दर्ज प्राथमिकी ‘‘गलत एवं निराधार’’ है और जैकब ने अभी तक दिल्ली पुलिस के साइबर प्रकोष्ठ के साथ सहयोग किया है तथा बयान भी दर्ज कराया है।

दिल्ली पुलिस ने रविवार को दावा किया था कि दिशा रवि ने ‘टूलकिट गूगल डॉक’ का सम्पादन किया था और दस्तावेज को तैयार करने और उसे फैलाने की वह ‘‘मुख्य षड्यंत्रकारी’’ हैं।

पुलिस ने बताया कि फ्रेडरिक 2006 के अंत से भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठानों की रडार पर है, जब उन्हें भजन सिंह भिंडर उर्फ इकबाल चौधरी की कंपनी में देखा गया था। भिंडर आईएसआई के , के2 डेस्क से जुड़ा प्रमुख व्यक्ति है। फ्रेडरिक का जुड़ाव भिंडर से है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘उसका (पीटर्स का) नाम दस्तावेज़ में क्यों है। क्या उन्होंने मो.धालीवाल के माध्यम से फ्रेडरिक से संपर्क किया या सीधे उनसे संपर्क किया, यह जांच का विषय है।’’

केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली से लगी सीमाओं पर किसानों के प्रदर्शन को समर्थन देते हुए जलवायु परिवर्तन कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने यह ‘टूलकिट’ साझा की थी।

दिशा रवि की गिरफ्तारी को लेकर सोमवार को भाजपा और विपक्षी दलों के बीच वाकयुद्ध शुरू हो गया।

भाजपा में कई लोगों ने दिल्ली पुलिस का बचाव किया जबकि कई विपक्षी नेताओं ने सरकार पर 21 वर्षीय युवती के खिलाफ ‘लोकतंत्र की हत्या’ करने का आरोप लगाया।

भाजपा ने पुलिस की कार्रवाई का बचाव किया और कहा कि अपराध तो अपराध है, जिसका उम्र से कोई लेनादेना नहीं है।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिशा की गिरफ्तारी से जुड़ी खबर साझा करते हुए ट्वीट किया, ‘‘बोल कि लब आज़ाद हैं तेरे, बोल कि सच ज़िंदा है अब तक! वो डरे हैं, देश नहीं!’’

उन्होंने कहा, ‘‘भारत खामोश नहीं होने वाला है।’’

पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने भी इसी मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, ‘‘डरते हैं बंदूकों वाले एक निहत्थी लड़की से, फैले हैं हिम्मत के उजाले एक निहत्थी लड़की से।’’

आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘‘21 साल की दिशा रवि की गिरफ्तारी लोकतंत्र पर अप्रत्याशित हमला है। हमारे किसानों का समर्थन करना अपराध नहीं है।’’

संयुक्त किसान मोर्चा ने भी दिशा की गिरफ्तारी की निंदा की और उसे तत्काल रिहा करने की मांग की।

इस कार्रवाई का बचाव करते हुए भाजपा नेता और केन्द्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने ट्वीट किया, ‘‘अगर आयु आधार है तो फिर परमवीर चक्र से नवाजे गए सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल 21 साल की उम्र में शहीद हुए। मैं किस पर गर्व करूं। टूलकिट के रूप में दुष्प्रचार फैलाने वालों पर तो गर्व नहीं करूंगा।’’

भाजपा के संगठन महामंत्री बी एल संतोष ने ट्वीट किया, ‘‘21 वर्षीय...पर्यावरण कार्यकर्ता...छात्रा...क्या भारत को तोड़ने वाली ताकतों का हिस्सा बनने के लिए ये खूबियां हैं? वह टूलकिट तक कैसे पहुंची? वह व्हाट्एसऐप पर भारत विरोधी ग्रुप में शामिल क्यों हुई? कई सवाल हैं लेकिन सिर्फ एक जवाब है...21 साल।’’

पूर्व गृह मंत्री और कांग्रेस के नेता पी चिदंबरम ने कटाक्ष करते हुए ट्वीट किया, ‘‘ यदि माउंट कार्मेल कॉलेज की छात्रा और जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि देश के लिए खतरा बन गई है, तो भारत की शासन व्यवस्था बहुत ही कमजोर बुनियाद पर खड़ी है। चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की तुलना में किसानों के विरोध का समर्थन करने के लिए लाया गया एक टूल किट अधिक खतरनाक है!’’

विपक्ष के आरोपों पर भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा, ‘‘एक अपराधी तो अपराधी है। अगर वो नाबालिग नहीं है तो फिर लिंग और आयु का कोई मतलब नहीं रह जाता। आपकी जानकारी के लिए बता देता हूं कि मुंबई पर हमले के वक्त अजमल कसाब 21 साल का था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘किसानों का समर्थन करना अपराध नहीं है, लेकिन भारत के खिलाफ साजिश करना और दूसरों को भड़काना निश्चित तौर पर अपराध है।’’

केन्द्र के नए कृषि कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान 26 जनवरी को पुलिस के साथ हिंसक झड़प हो गई थी। गणतंत्र दिवस पर हुई इस झड़प में 500 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए थे और एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई थी।

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