देश की खबरें | हमारे परिवार के लिये संघर्ष का समय: प्रियंका गांधी ने कर्नाटक के चिकमगलुरु में कहा

चिकमगलुरू (कर्नाटक), 26 अप्रैल कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने बुधवार को चिकमगलुरू जिले के लोगों के साथ भावनात्मक संबंध जोड़ने का प्रयास करते हुए कहा कि यह अब परिवार के लिए संघर्ष का समय है, ठीक उसी तरह जैसे उनकी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया था जब वह करीब 45 साल पहले यहां आईं थीं।

अपने भाई और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को संसद की सदस्यता से अयोग्य ठहराए जाने की ओर इशारा करते हुए उन्होंने इसे “झूठा मामला बताया जैसा इंदिरा गांधी के साथ हुआ था”। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि ‘‘भगवान और लोगों के आशीर्वाद’’ से कांग्रेस उम्मीदवार विजयी होंगे क्योंकि वे सच्चाई के लिए लड़ रहे हैं।

श्रृंगेरी में एक मंदिर में दर्शन करने के बाद प्रियंका ने कहा, “मैं शारदा देवी की पूजा करके आ रही हूं। वहां मैं शंकराचार्य से मिली। उन्होंने मुझसे पूछा कि इंदिरा गांधी ने यहां से चुनाव लड़ा था या नहीं? मैंने कहा कि हां वह चिकमगलुरू से चुनाव लड़ी थीं। उन्होंने मुझे आशीर्वाद दिया। मैंने अपने भाई के लिये आशीर्वाद मांगा, उन्होंने आशीर्वाद दिया।”

कर्नाटक में 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले जिले के बालेहोनूर में कांग्रेस द्वारा आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “उन्होंने (शंकराचार्य ने) मुझे बताया कि मेरे पिता (दिवंगत राजीव गांधी) भी यहां आए थे, इंदिरा जी भी यहां आई थीं और जब इंदिरा जी यहां आई थीं तब वह उनके लिए संघर्ष का समय था।”

उन्होंने कहा, “1978 में जब इंदिरा जी यहां आई थीं तो उनके लिए संघर्ष का समय था और आज भी मेरे परिवार के लिए संघर्ष का समय है। उस समय भी आज की तरह बारिश हो रही थी। हम मानते हैं कि यह बारिश भगवान का आशीर्वाद है। बारिश शुभ संकेत है। इसलिए, यह मेरे लिए एक भावनात्मक क्षण है, कि मैं आपके सामने उसी मंच पर, उसी मैदान में और उसी तरह के मौसम में खड़ी हूं।”

उल्लेखनीय है कि 1975 से 1977 तक आपातकाल की अवधि के बाद उत्तर प्रदेश में रायबरेली क्षेत्र से जनता पार्टी के राजनारायण से चुनाव हारने के एक साल बाद इंदिरा गांधी ने 1978 में चिकमगलुरू संसदीय क्षेत्र से लोकसभा उपचुनाव लड़ने का फैसला किया था।

तब उनके प्रति निष्ठावान माने जाने वाले डीबी चंद्रे गौड़ा (जो बाद में भाजपा में शामिल हो गए) ने उनके लिए सीट खाली की थी और इंदिरा ने कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री और तब जनता पार्टी के उम्मीदवार वीरेंद्र पाटिल को 77,000 से अधिक मतों के अंतर से हराया था।

उन्होंने कहा कि वह अपने परिवार की तीन पीढ़ियों की ओर से लोगों को “दिल से” धन्यवाद देती हैं। प्रियंका ने कहा कि जब इंदिरा जी अपने संघर्ष के सबसे कठिन समय का सामना कर रही थीं, चिकमगलुरू के लोग उनके साथ खड़े थे और उनका साथ नहीं छोड़ा।

प्रियंका ने कहा, “इंदिरा जी के खिलाफ भी एक मामला दर्ज करके उन्हें संसद से निकाला गया था। आप लोग उन्हें संसद में वापस लाए और यह विश्वास दिया था कि जनता साथ है। आज उनके पोते राहुल गांधी को उसी तरह से फर्जी मामला दर्ज कर संसद की सदस्यता से अयोग्य करार कराया गया है। राहुल गांधी और हमारे पूरे परिवार को विश्वास है कि जनता हमारे साथ खड़ी रहेगी।”

उन्होंने कहा, “भगवान का आशीर्वाद, शिव जी का आशीर्वाद हमेशा हमारे साथ रहेगा, क्योंकि हम सत्य की लड़ाई लड़ रहे हैं। कर्नाटक का यह चुनाव सच की लड़ाई भी है।”

राहुल गांधी को 23 मार्च को गुजरात के सूरत की एक अदालत ने 2019 के एक आपराधिक मानहानि के मामले में दोषी करार दिया था और दो साल जेल की सजा सुनाई थी। एक दिन बाद, उन्हें मामले में दोषी ठहराए जाने की तारीख से लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)