देश की खबरें | रजोकरी वन में वाहनों का प्रवेश रोकने से जुड़ी याचिका पर जवाब देने के लिए सरकार को मिला समय

नयी दिल्ली, 31 जुलाई दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार और उप वन संरक्षक को उस याचिका पर अपनी स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के लिए समय दिया है, जिसमें प्राधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश देने की मांग की गई है कि रजोकरी के संरक्षित वन क्षेत्र में अवैध रूप से निर्मित सड़क पर वाहनों की आवाजाही न हो।

न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, उप वन संरक्षक (डीसीएफ), महरौली के एसडीएम और पुलिस आयुक्त को अदालत के पिछले निर्देश का पालन करते हुए अपनी स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के लिए समय दिया है।

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 अगस्त की तारीख मुकर्रर की है।

वसंत कुंज स्थित मॉल रोड के रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा दायर इस याचिका में प्राधिकारियों को रजोकरी वन क्षेत्र के संरक्षण के लिए वहां निर्मित अवैध सड़क को अवरुद्ध करने और अन्य जरूरी कदम उठाने का निर्देश जारी करने की मांग भी की गई है।

अधिवक्ता सिमरपाल सिंह साहनी के माध्यम से दायर इस याचिका में कहा गया है कि मार्च 2021 के बाद से वन से चर्च/मॉल रोड (वसंत कुंज) के बीच भारी वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही के लिए अवैध रूप से निर्मित सड़क पर लगातार अनधिकृत आवाजाही देखी जा रही है, जिससे यातायात की गंभीर समस्या पैदा हो रही है।

इसमें दावा किया गया है कि इससे चर्च रोड, ग्रीन एवेन्यू और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है। साथ ही, वायु प्रदूषण बढ़ रहा है और रजोकरी संरक्षित वन क्षेत्र की पारिस्थितिकी व पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है।

याचिका में कहा गया है कि रजोकरी वन, जो भारतीय वन अधिनियम के तहत एक संरक्षित वन भूमि है, निषेध प्रावधानों के दायरे में आता है और इस तरह रजोकरी वन भूमि का इस्तेमाल किसी गैर-वन उद्देश्य के लिए नहीं किया जा सकता।

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