देश की खबरें | सिक्का निगलने से तीन साल के बच्चे की मौत, भर्ती नहीं करने का अस्पताल पर आरोप
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

कोच्चि, दो अगस्त केरल के अलुवा शहर के समीप अपने घर में तीन साल के बच्चे ने एक सिक्का निगल लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। रिश्तेदारों ने आरोप लगाया है कि जिन सरकारी अस्पतालों में बच्चे को ले जाया गया, वहां उसे भर्ती करने से इनकार कर दिया गया क्योंकि वह कोविड-19 निषिद्ध क्षेत्र से आया था।

स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा ने घटना को ‘‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’’ बताया और प्रधान सचिव (स्वास्थ्य) को विस्तृत जांच कर एक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

यह भी पढ़े | ओडिशा में COVID-19 के 1 हजार 434 नए मामले सामनें आए, मृतकों की संख्या हुई 197.

उन्होंने एक बयान में बताया कि अगर कोई चूक पाई गई, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बच्चे के परिजनों ने आरोप लगाया कि उसका इलाज करने से इनकार कर दिया गया क्योंकि वह अलुवा के समीप कदुंगल्लुर का रहने वाला था, जो कोविड-19 निषिद्ध क्षेत्र में आता है।

यह भी पढ़े | सुशांत सिंह राजपूत मामले में मुंबई पुलिस ने मामले में कुछ भी नहीं किया, उन्होंने एक प्राथमिकी दर्ज नहीं की: केंद्रीय मंत्री आरके सिंह: 2 अगस्त 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

उन्होंने बताया कि सिक्का निगलने की यह घटना शनिवार सुबह हुई, जिसके बाद बच्चे के माता-पिता उसे अलुवा सरकारी अस्पताल लेकर गए। जहां एक्स-रे किया गया।

अस्पताल अधिकारियों पर बच्चे को भर्ती नहीं करने का आरोप लगाया गया है।

एक वरिष्ठ डॉक्टर ने दावा किया कि लड़के को अस्पताल में भर्ती इसलिए नहीं किया गया कि कोई बाल चिकित्सक नहीं था और उसे एर्नाकुलम जनरल हॉस्पिटल भेज दिया गया।

डॉक्टरों ने वहां बच्चे की जांच की और उसे बेहतर चिकित्सीय देखभाल के लिए अलप्पुझा के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया। वहां भी उसे भर्ती नहीं किया गया।

खबर है कि डॉक्टरों ने माता-पिता को बच्चे को फल खिलाने की सलाह दी। उनके अनुसार ऐसा करने पर शौच के जरिए सिक्का बाहर निकल जाता।

माता-पिता बच्चे को वापस घर ले गए।

पुलिस ने बताया कि शाम तक बच्चे की हालत बिगड़ गई और उसे अलुवा सरकारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव माता-पिता को सौंपा जाएगा।

उन्होंने बताया कि कोविड-19 जांच के लिए बच्चे के स्वाब के नमूने लिए गए हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)