Odisha Elephant Attacks: ओडिशा के ढेंकनाल में हाथी के हमले में तीन लोगों की मौत, दो वन अधिकारी निलंबित
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ढेंकनाल, 31 जुलाई : ओडिशा के ढेंकनाल जिले में बृहस्पतिवार को एक हाथी ने दो महिलाओं समेत कम से कम तीन लोगों को कुचलकर मार डाला. पुलिस ने बताया कि यह घटना हिंडोल थाना क्षेत्र के बाघधरिया गांव में हिंडोल वन क्षेत्र के रसोल खंड में हुई. पुलिस के मुताबिक, मृतकों की पहचान झूलना देहुरी (55), उसके देवर करुणाकर देहुरी (60) और एक अन्य ग्रामीण शशि साहू के रूप में हुई है. रसोल वन बीट की वनपाल और प्रभारी लुसिमिता सिंह ने बताया, “रसोल क्षेत्र में तड़के हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के सिलसिले में वन रक्षक और वनपाल को कर्तव्य में लापरवाही के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उन्हें हिंडोल क्षेत्र से संबद्ध कर दिया गया है. उच्च अधिकारियों की मंजूरी मिलने के बाद अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी.”

सिंह ने बताया कि दोषी अधिकारियों को हाथी को जंगल में वापस खदेड़ने का काम सौंपा गया था. ओडिशा के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री गणेश राम सिंह खुंटिया ने घटना पर दुख जताते हुए वन विभाग को जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया. खुंटिया ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “हाथी के हमले में जान गंवाने वाले सभी लोगों को राज्य सरकार मुआवजा देगी और अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस संबंध में, माननीय मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के निर्देशों के बाद मैंने विभागीय अधिकारियों को तदनुसार निर्देशित किया है.” यह भी पढ़ें : सभी विकासोन्मुखी प्रोजेक्ट्स को समयसीमा में और गुणवत्तायुक्त मानदंड के साथ पूर्ण करें: सीएम भूपेंद्र पटेल

पुलिस के अनुसार, झूलना अपने घर के पास फूल तोड़ रही थी, तभी हाथी ने उस पर हमला करा दिया. उसने बताया कि झूलना का देवर करुणाकर अपनी भाभी को बचाने आया, तो हाथी ने उसे भी कुचल दिया. घटना में झूलना और करुणाकर की मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि हाथी ने इसके तुरंत बाद एक अन्य ग्रामीण शशि साहू पर भी हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. लगातार हो रहे हाथी के हमलों से आक्रोशित ग्रामीणों ने मृतकों के शवों को सतमाइल चाक के पास कटक-संबलपुर सड़क पर रखकर यातायात बाधित किया. उन्होंने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने और आगे हाथियों की घुसपैठ रोकने के लिए सौर ऊर्जा से संचालित बाड़ (सोलर फेंस) लगाने की मांग की.