देश की खबरें | कोलकाता के अतिथि गृह से मदरसा शिक्षकों को 'बाहर निकालने' के मामले में तीन गिरफ्तार
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

कोलकाता, 22 सितंबर कोलकाता के अतिथि गृह से 10 मदरसा शिक्षकों को पहले से कमरे आरक्षित कराए जाने के बावजूद कथित रूप से बाहर निकालने के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शहर के पूर्वी क्षेत्र के सॉल्ट लेक स्थित अतिथिगृह के तीन कर्मचारियों को धार्मिक आधार पर अतिथियों के साथ भेदभाव करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि मदरसा शिक्षकों की ओर से बिधाननगर पूर्वी पुलिस थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर तीनों को सोमवार शाम में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। ये शिक्षक विकास भवन में कार्यालय संबंधी काम के लिए मालदा जिले से आए थे। विकास भवन में राज्य शिक्षा विभाग का दफ्तर है।

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इनमें से एक शिक्षक मोहम्मद ओबैदुर रहमान ने संवाददातओं को बताया, '' सोमवार सुबह करीब छह बजे डीएल39 अतिथि गृह की पुस्तिका में प्रवेश संबंधी सूचनाएं दर्ज कराए जाने के बाद हमें तीन घंटे तक कमरे के लिए बैठाए रखा गया। इसके बाद हमसे कहा गया कि कोई कमरा खाली नहीं है जबकि हमने उन्हें पहले से आरक्षण के कागजात भी दिखाए। इसके बाद हमें करीब एक घंटे में निकट के सीएल 164 अतिथि गृह में तीन कमरे दिए गए लेकिन करीब 11 बजे हमें तत्काल कमरा खाली करने को कहा गया जबकि इसके लिए कोई कारण नहीं बताया गया।''

राज्य में मदरसा शिक्षकों के संगठन 'शिक्षक ओक्यो मुक्त मंच' ने अलग से पुलिस में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है।

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एक अन्य शिक्षक सादेक अली ने कहा, '' मालदा में हमारे श्रीरामपुर मदरसा में ज्यादातर शिक्षक और कर्मचारी हिंदू हैं। अतिथिगृह के कर्मचारियों के व्यवहार से हम क्षुब्ध हैं।''

वहीं अतिथिगृह अधिकारी का कहना है कि मदरसा शिक्षकों के लिए अलग व्यवस्था की गई थी, क्योंकि डीएल39 अतिथि गृह में कोई कमरा खाली नहीं था और सीएल164 में अन्य समूह के लिए कमरे बुक थे, इसलिए उनसे खाली करने को कहा गया। उनका दावा है कि कर्मचारियों ने धार्मिक आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया है और पूर्व आरक्षण के आधार पर पैसा वापस करने का वादा किया है।

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