देश की खबरें | भारत में रहने व काम करने वालों को नियमों के अनुसार चलना होगा:वैष्णव ने ट्विटर के साथ गतिरोध पर कहा

नयी दिल्ली, आठ जुलाई सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नये सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों को लेकर केंद्र सरकार के साथ ट्विटर के गतिरोध पर बृहस्पतिवार को कहा कि भारत में रहने और काम करने वालों को देश के नियमों का अनुपालन करना होगा।

भाजपा महासचिव (संगठन) बी एल संतोष के साथ यहां पार्टी कार्यालय में बैठक के बाद वैष्णव ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए यह कहा।

आईटी नियमों का माइक्रोब्लॉगिंग मंच ट्विटर द्वारा अनुपालन नहीं करने के बारे में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जो कोई भारत में रहता है और काम करता है उसे देश के नियमों का अनुपालन करना होगा।

ओडिशा से सांसद वैष्णव ने बुधवार को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। उन्हें सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ-साथ रेलवे का भी प्रभार दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी देने के लिए वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभारी हैं।

वैष्णव ने कहा कि उनका मुख्य जोर कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति के जीवन को बेहतर बनाने पर होगा।

कुछ महीने पहले, उन्होंने ब्रिटेन में ऑक्सफोर्ड (विश्वविद्यालय) छात्र संघ की अध्यक्ष एवं कर्नाटक की रहने वाली रश्मि सामंत के इस्तीफे को नस्लवाद का गंभीर मामला बताते हुए साइबर धौंस जमाने का मुद्दा राज्यसभा में उठाया था।

गौरतलब है कि अमेरिकी कंपनी ट्विटर भारत में नये आईटी नियमों का अनुपालन करने में नाकाम रहने को लेकर मुश्किल में पड़ गया है। नये आईटी नियम 50 लाख से अधिक उपयोगकर्ता (यूजर) वाले सोशल मीडिया मंचों द्वारा अन्य जरूरतों के साथ-साथ तीन मुख्य अधिकारियों -- मुख्य अनुपालन अधिकारी , नोडल अधिकारी और शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त करने का प्रावधान करता है। ये तीनों अधिकारी भारत में रहने चाहिए।

नये नियम 26 मई को प्रभावी हुए थे, लेकिन ट्विटर द्वारा सोशल मीडिया दिशानिर्देशों का अनुपालन करना अभी बाकी है, जबकि सरकार ने इस बारे में बार-बार उसे स्मरण दिलाया है।

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