Pahalgam Terror Attack Anniversary: जम्मू-कश्मीर में पर्यटन और संवेदनाओं का एक अनोखा मेल देखने को मिला है. उत्तरी कश्मीर के ऊंचे पर्वतीय क्षेत्र राजदान दर्रे (Razdan Pass) से गुजर रहे पर्यटकों के एक समूह ने रुककर पिछले वर्ष पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के पीड़ितों को याद किया. पर्यटकों ने न केवल वहां कुछ पल का मौन रखा, बल्कि हमले में प्रभावित हुए नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों की शांति के लिए प्रार्थना भी की. इस भावुक श्रद्धांजलि का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है.
एकजुटता का संदेश: "हम साथ खड़े हैं"
राजदान दर्रा, जो बांदीपोरा को गुरेज घाटी से जोड़ता है, इस अनौपचारिक स्मारक सभा का केंद्र बना. यहां मौजूद पर्यटकों ने कहा कि वे घाटी की सुंदरता का आनंद लेने आए हैं, लेकिन वे उन निर्दोष लोगों के बलिदान को भी नहीं भूल सकते जिन्होंने हिंसा में अपनी जान गंवाई. पर्यटकों का यह कदम स्थानीय लोगों और यात्रियों के बीच सहानुभूति के बढ़ते भाव को दर्शाता है. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब घाटी में पर्यटकों की भारी आमद जारी है.
पीड़ितों को श्रद्धांजलि
VIDEO | J&K: Tourists pay tributes to the victims of Pahalgam terror attack at Razdan Pass.
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/d94paMmjqx
— Press Trust of India (@PTI_News) April 22, 2026
सुरक्षा और सतर्कता के बीच पर्यटन
हाल के समय में दक्षिण कश्मीर के कुछ हिस्सों में पर्यटकों को निशाना बनाने की घटनाओं के बाद पूरे केंद्र शासित प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. अधिकारियों ने पर्यटकों को आश्वस्त किया है कि ग्रीष्मकालीन सत्र के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए गए हैं. राजदान दर्रे पर हुई इस प्रार्थना सभा को प्रशासन ने भी सकारात्मक रूप से देखा है, क्योंकि यह क्षेत्र में शांति और विश्वास बहाली की दिशा में एक मानवीय पहल है.
पहलगाम हमले का संदर्भ
बता दें कि आज ही के दिन, 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम की बैसारन घाटी में आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी कर 26 लोगों की जान ले ली थी. मृतकों में अधिकतर देश के विभिन्न हिस्सों से आए हिंदू पर्यटक और एक स्थानीय मुस्लिम घोड़ा संचालक शामिल थे. इस हमले के जवाब में भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' और 'ऑपरेशन महादेव' चलाकर दोषियों का सफाया किया था. आज हमले की पहली बरसी पर पूरा देश उन मासूम जिंदगियों को याद कर रहा है.
पर्यटकों का भरोसा बरकरार
सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के बावजूद, कश्मीर की वादियों में सैलानियों का उत्साह कम नहीं हुआ है. सरकार ने पर्यटकों की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग और सुरक्षा के लिए क्यूआर कोड आधारित स्कैनिंग प्रणाली जैसे डिजिटल उपाय भी लागू किए हैं. राजदान दर्रे पर पर्यटकों की यह पहल स्पष्ट करती है कि आतंक की कोशिशें लोगों के मन में डर पैदा करने के बजाय उन्हें और अधिक एकजुट कर रही हैं.













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