नागपुर/मुंबई, एक फरवरी महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ शिवसेना ने सोमवार को कहा कि केंद्रीय बजट में महाराष्ट्र को नजरअंदाज किया गया।
इसके अलावा राकांपा और कांग्रेस ने बजट को निराशाजनक और निजीकरण की ओर ले जाने वाला करार दिया।
वहीं दूसरी तरफ, वरिष्ठ भाजपा नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बजट में नासिक और नागपुर शहरों में मेट्रो चलाने के लिए किए गए प्रावधानों का स्वागत किया।
उप मुख्यमंत्री और राज्य के वित्त मंत्री अजित पवार ने कहा, “ऐसे समय में जब देश के वैज्ञानिक कोविड-19 के टीके का आविष्कार कर लोगों को जीवन दे रहे हैं, केंद्रीय बजट ने एक बार फिर जनता को मौत के रास्ते पर धकेल दिया है।”
राज्य के गृह मंत्री तथा वरिष्ठ राकांपा नेता अनिल देशमुख ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से पेश किया गया बजट बेहद निराशाजनक है।
उन्होंने नागपुर में संवाददाताओं से कहा, “ऐसा लगता है कि इससे हम निजीकरण की तरफ बढ़ रहे हैं। बजट में आम आदमी को नजरअंदाज किया गया है। इसी प्रकार किसानों के लिए कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।”
देशमुख ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के बीच, बजट लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने में विफल रहा है।
राकांपा के एक अन्य नेता और राज्य के आवासीय मंत्री जितेंद्र अव्हाड ने ट्वीट किया, “नए बजट को आसान शब्दों में कहें तो यह भारत को बेचने जैसा है।”
महाराष्ट्र राकांपा अध्यक्ष महेश तपासे ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट में आकर्षक का इस्तेमाल किया है ताकि “निजीकरण के वास्तविक ध्येय” को छुपाया जा सके।
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