नयी दिल्ली, 14 जून विपक्षी दलों की 23 जून को होने वाली बैठक में अगले लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर चर्चा नहीं होगी, बल्कि पूरी कोशिश इस बात की होगी कि 2024 के लिए साझा एजेंडा तय किया जाए।
बिहार की दो प्रमुख पार्टियां जनता दल (यू) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) इस बैठक का आयोजन कर रही हैं। इसमें कांग्रेस, द्रमुक, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी और कई अन्य दलों के शीर्ष नेता शामिल होने वाले हैं।
राजद सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के संदर्भ में कोई चर्चा नहीं होने वाली है।
पार्टी के एक नेता ने कहा, ‘‘यह बैठक पहला कदम है। एक साझा एजेंडा तय किया जाएगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आज महंगाई और बेरोजगारी ऐसे मुद्दे हैं जो लोगों का ध्यान इस ओर खींच रहे हैं कि सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन, गलत जीएसटी, नोटबंदी जैसे निर्णयों के कारण यह स्थिति बनी है। यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। सांप्रदायिक सौहार्द, सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग और लोकतंत्र को कमजोर करने जैसे मुद्दे भी महत्वपूर्ण हैं।’’
सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार इस बैठक में साझा न्यूनतम कार्यक्रम प्रस्तुत कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के संदर्भ में कोई चर्चा नहीं होनी है।
विपक्ष के एक नेता का कहना है कि वरिष्ठ नेताओं की एक टीम गठित करने पर चर्चा हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह टीम विभिन्न राज्यों में जाएगी और वहां विपक्ष के समर्थन में बैठक करेगी।
हक हक रंजन
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