तिरुवनंतपुरम, तीन मार्च केरल के आबकारी मंत्री एम बी राजेश ने सोमवार को कहा कि पलक्कड़ जिले में शराब बनाने की प्रस्तावित इकाई से क्षेत्र में पानी की कमी नहीं होगी।
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह मामला उठाते हुए विधायक पी. मम्मिकुट्टी ने जानना चाहा कि क्या प्रस्तावित संयंत्र से पानी की कमी होगी।
राजेश ने इस पर कहा कि मलमपुझा बांध की भंडारण क्षमता का केवल 13.19 प्रतिशत ही पेयजल और कृषि के लिए उपयोग किया जाता है इसलिए शराब बनाने की इकाई की वजह से पानी की कमी होने की कोई संभावना नहीं है।
मंत्री ने कहा कि इथेनॉल और शराब निर्माण इकाई के लिए भूजल की एक बूंद भी नहीं निकाली जाएगी।
उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के बाद ही ‘ओएसिस कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड’ के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई कि परियोजना के लिए भूजल की एक भी बूंद नहीं निकाली जाएगी।
मंत्री ने कहा कि केरल औद्योगिक अवसंरचना विकास निगम (केआईएनएफआरए) पहले से ही वर्षा जल संचयन के माध्यम से औद्योगिक उद्देश्यों के लिए एक करोड़ लीटर पानी की आपूर्ति करता है।
उन्होंने कहा कि यह समझौता पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी के कार्यकाल के दौरान 2015 में किया गया था और ‘ओएसिस कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड’ को अन्य उद्योगों की तरह इसका हिस्सा मिलेगा।
इस बीच, विपक्ष के पूर्व नेता रमेश चेन्निथला ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि जिन लोगों ने जल दोहन को लेकर कोका-कोला संयंत्र के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था, वे अब एक शराब बनाने वाली कंपनी का समर्थन कर रहे हैं।
इसके जवाब में राजेश ने स्पष्ट किया कि वे विरोध प्रदर्शन भूमिगत जल के दोहन और जल स्रोतों के प्रदूषण के खिलाफ किए गए थे। उन्होंने कहा, ‘‘ओएसिस के लिए प्रारंभिक मंजूरी केवल इस आश्वासन के बाद दी गई थी कि परियोजना के लिए भूजल का उपयोग नहीं किया जाएगा।’’
मंत्री ने वित्तीय लाभों पर प्रकाश डालते हुए दावा किया कि प्रस्तावित इकाई से राज्य के लिए 100 करोड़ रुपये से अधिक का जीएसटी (माल एवं सेवा कर) राजस्व उत्पन्न होगा।
राजेश ने कहा कि केरल वर्तमान में सालाना 30.26 करोड़ लीटर इथेनॉल का आयात करता है जिसके 2030 तक 75 करोड़ लीटर तक पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इससे कारोबार 600 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार का लक्ष्य राज्य के भीतर औद्योगिक उद्देश्यों के लिए शराब का उत्पादन करना और उसका निर्यात करना है, जिससे रोजगार के अधिक अवसर पैदा होंगे।’’
उन्होंने कहा कि इससे सरकार के पास आने वाले सभी उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
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