जयपुर, तीन दिसंबर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगों के कल्याण में कोई कमी नहीं रखेगी और हमारा प्रयास है कि उन्हें अधिकतम सुविधाएं मिलें जिससे वे अपनी योग्यता साबित कर आत्मनिर्भर बन सकें।
गहलोत अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित ‘दिव्यांगता व पुनर्वास’ विषयक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को वीडियो कान्फ्रेंस से संबोधित कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि दिव्यांगों के प्रति समाज की सोच बदली है और उन्हें सम्मान मिल रहा है। हमारा प्रयास होना चाहिए कि हम दिव्यांग लोगों को हरसंभव मदद कर आगे बढ़ाएं ताकि उनकी हीन भावना दूर हो और उनकी क्षमताओं का विकास हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने दिव्यांगजन के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कई महत्वपूर्ण काम किए हैं और फैसले लिए हैं। प्रदेश की सरकारी सेवाओं में दिव्यांगों का आरक्षण तीन प्रतिशत से बढ़ाकर चार प्रतिशत किया गया है।
उन्होंने कहा कि दिव्यांगों के कल्याण के लिए कार्यरत संस्थाओं के कार्मिकों के मानदेय में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। उनकी सरकार आगे भी दिव्यांगों के कल्याण के लिए संसाधनों में किसी तरह की कमी नहीं रखेगी।
सीआईआई (उत्तरी क्षेत्र) के अध्यक्ष निखिल साहनी ने कहा कि सीआईआई दिव्यांगों के लिए देशभर में ऐसा वातावरण तैयार करना चाहता है, जिससे उन्हें रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद मिले। इसके लिए हमने ‘नेशनल बिजनेस एंड डिसएबिलिटी नेटवर्क’ (आईबीडीएन) के सहयोग से एक ऑनलाइन नेटवर्क प्लेटफॉर्म ‘संभव’ भी तैयार किया है।
भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति (जयपुर फुट) के संस्थापक एवं मुख्य संरक्षक डी. आर. मेहता ने कहा कि विगत कुछ वर्षों में दिव्यांगजन के लिए काफी काम हुए हैं, लेकिन अभी इनके लिए और अधिक सुविधाएं विकसित करने की आवश्यकता है।
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