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विदेश की खबरें | संरा शांतिरक्षण के प्रति सुरक्षा परिषद के काम करने के तरीके की समीक्षा होनी चाहिए: भारत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. भारत ने मंगलवार को कहा कि संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा का काम बेहद चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है और इस दिशा में सुरक्षा परिषद के काम करने के तरीके की पुनः समीक्षा होनी चाहिए।

विदेश की खबरें | संरा शांतिरक्षण के प्रति सुरक्षा परिषद के काम करने के तरीके की समीक्षा होनी चाहिए: भारत
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

संयुक्त राष्ट्र, सात सितंबर भारत ने मंगलवार को कहा कि संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा का काम बेहद चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है और इस दिशा में सुरक्षा परिषद के काम करने के तरीके की पुनः समीक्षा होनी चाहिए।

संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कांबोज ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षक अभियान पर सुरक्षा परिषद की ब्रीफिंग के दौरान कहा, “आज युद्धग्रस्त क्षेत्रों में बढ़ती हुई हिंसा के परिप्रेक्ष्य में संरा शांतिरक्षा का काम बेहद चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है और राजनीतिक प्रक्रिया पर ध्यान कम होता जा रहा है।”

उन्होंने कहा कि शांतिरक्षा के प्रति सुरक्षा परिषद की कार्यप्रणाली की पुनः समीक्षा तथा शांतिरक्षक अभियानों के समक्ष जो समस्याएं आ रही हैं उनका समाधान करने की जरूरत है।

ऐसे अभियानों में भारत का योगदान सबसे ज्यादा है और वर्तमान में 12 में से नौ शांतिरक्षा अभियानों में 5,700 से ज्यादा भारतीय शांतिरक्षक तैनात हैं। कांबोज ने कहा कि 177 भारतीय शांतिरक्षकों ने संरा अभियानों में सर्वोच्च बलिदान दिया है जो कि अपने सैन्यकर्मी भेजने वाले किसी भी देश की ओर से सबसे ज्यादा है।

भारत की स्थायी प्रतिनिधि ने कहा कि शांतिरक्षा अभियानों में स्पष्ट और वास्तविक लक्ष्य बताए जाने की जरूरत है और उसके अनुसार संसाधन भी दिए जाने चाहिए।

उन्होंने कहा, “परिषद को अभियानों के लक्ष्य निर्धारित करते समय झूठी आशा और उम्मीद पैदा करने वाली शब्दावली और नियम बताने से बचना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा समस्या तब उत्पन्न होती है जब शांतिरक्षा अभियानों में पुलिसकर्मी और सैन्यकर्मी भेजने वाले देशों को निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाता। कांबोज ने कहा, “इस समस्या का जितना जल्दी हो सके निवारण करना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि शांतिरक्षा अभियान एक सामूहिक प्रयास होता है इसलिए किसी अभियान के प्रदर्शन का मूल्यांकन करते समय सैन्यकर्मियों, असैन्य नागरिकों और नेतृत्व समेत अभियान के सभी अंगों पर विचार किया जाना चाहिए।

कांबोज ने कहा कि शांतिरक्षकों के विरुद्ध अपराध करने वालों पर कानूनी कार्रवाई करने के लिए पूरी ताकत से प्रयास किया जाना चाहिए।

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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 07, 2022 10:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).