देश की खबरें | पारंपरिक नमाज पर कोई पाबंदी नहीं, सुरक्षा के मद्देनजर छत पर एकत्रित होने पर रोकःसंभल के एएसपी

संभल (उप्र), 28 मार्च संभल के अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) श्रीश चंद्र ने बृहस्पतिवार को कहा कि पारंपरिक ढंग से नमाज अदा करने पर कोई पाबंदी नहीं है, लेकिन दुर्घटनाएं रोकने के लिए छतों पर बड़ी संख्या में एकत्रित होने पर रोक लगाई गई है।

जुमा (शुक्रवार) अलविदा की नमाज को लेकर तैयारियों पर संवाददाताओं से बातचीत में एएसपी ने कहा कि लोग शांतिपूर्ण ढंग से नमाज अदा करें, यह सुनिश्चित करने के लिए सेक्टर और जोन के अंतर्गत पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

उन्होंने बताया कि बुधवार को शांति समिति की बैठक में कुछ लोगों द्वारा छतों पर नमाज पढ़ने का मामला उठाया गया था। एएसपी ने कहा कि उन लोगों ने पूछा था कि क्य़ा वे आसपास की छतों पर गैर परंपरागत रूप से नमाज अदा कर सकते हैं, जिस पर यह स्पष्ट किया गया कि छतों पर एकत्र न हों, क्योंकि इससे हादसा हो सकता है।

चंद्र ने बताया कि इसी तरह सड़क पर नमाज पढ़ने से भी दुर्घटना की आशंका को देखते हुए उन्हें वहां (सड़क पर) भी नमाज अदा करने को मना किया गया है। एएसपी ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि परंपरागत तरीके से जिन मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा की जाती रही है, वहां इसे सकुशल तौर पर संपन्न कराया जाए।

पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि इस बात के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि नमाज केवल निर्धारित ईदगाहों और मस्जिदों में ही अदा की जाए न कि सड़कों पर।

उन्होंने कहा कि इलाके में आगामी अप्रैल को नई सत्यव्रत पुलिस चौकी का उद्घाटन किया जाएगा।

कोट गर्वी मोहल्ले में शाही जामा मस्जिद के पास पुलिस चौकी के निर्माण के लिए पिछले साल 28 दिसंबर को औपचारिक 'भूमि पूजन' किया गया था। सत्यव्रत चौकी संभल थाने के अधीन काम करेगी।

बिश्नोई ने बृहस्पतिवार को कहा कि जुमे की नमाज के लिए सुरक्षा रणनीति बनाई गई है जिसमें प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) और रैपिड रिस्पांस फोर्स (आरआरएफ) की 10 कंपनियों की तैनाती की गई है। बल प्रमुख स्थानों पर तैनात रहेगा और स्थिति के अनुसार उनकी तैनाती को समायोजित किया जाएगा।

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि भीड़ का प्रबंधन करना प्रशासन की प्राथमिकता है और एक ही स्थान पर बड़ी संख्या में लोगों को एकत्र होने से रोकने के लिए उपाय किए गए हैं।

उन्होंने कहा, "लोगों को एक स्थान पर बड़ी संख्या में एकत्र होने के बजाय अपने आसपास की ईदगाह में नमाज अदा करने की सलाह दी गई है। सड़कों पर नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।"

उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय की किसी भी चिंता को दूर करने के लिए शांति समिति की बैठक भी आयोजित की गई। अधिकारियों ने ईदगाह, सड़कों और जल निकासी व्यवस्था की सफाई सुनिश्चित की है।

छत पर नमाज अदा करने के बारे में पूछे जाने पर बिश्नोई ने कहा, "लोग अपने घरों के अंदर नमाज अदा कर सकते हैं, लेकिन किसी भी परिस्थिति में सड़कों पर नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।"

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)