देश की खबरें | बेरोजगार युवाओं को होमगार्ड्स की ट्रेनिंग कराकर नियमित नौकरी देने का प्रावधान नहीं : मंत्री

लखनऊ, नौ फरवरी उत्‍तर प्रदेश के कारागार एवं होमगार्ड्स राज्‍यमंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि बेरोजगार नौजवानों को होमगार्ड्स की ट्रेनिंग (प्रशिक्षण) कराकर नियमित नौकरी देने का प्रावधान नहीं है।

विधानसभा में शुक्रवार को बजट सत्र में प्रश्‍नकाल के दौरान समाजवादी पार्टी के सदस्‍य अभय सिंह के प्रश्‍न के उत्‍तर में प्रजापति ने यह जवाब दिया।

अभय सिंह ने यह पूछा था कि प्रदेश में बेरोजगारी दर कम करने के दृष्टिगत बेरोजगार नौजवानों को होमगार्ड की ट्रेनिंग कराकर रोजगार से जोड़कर नियमित नौकरी देने के लिये सरकार क्‍या कोई विशेष कार्ययोजना बनायेगी।

प्रजापति ने कहा कि 'जी नहीं।' उन्‍होंने कहा कि होमगार्ड्स विभाग द्वारा शान्ति व्‍यवस्‍था में पुलिस के सहायतार्थ आवश्यकतानुसार होमगार्ड्स स्वयंसेवकों की भर्ती के पश्चात उन्‍हें प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।

उन्होंने कहा, ''बेरोजगार नौजवानों को होमगार्ड्स की ट्रेनिंग कराकर रोजगार से जोडकर नियमित नौकरी देने का प्रावधान नहीं है।''

उन्‍होंने यह भी कहा, ''इस समय विभाग में भर्ती की कोई प्रक्रिया विचाराधीन नहीं है और ऐसा कोई प्रावधान भी नहीं है कि सीधे-सीधे बिना भर्ती के प्रशिक्षण कराकर उन्‍हें रोजगार से जोड़ा जाए। भर्ती जब होगी तो निश्चित रूप से युवाओं को भर्ती कर उन्‍हें रोजगार से जोड़ा जाएगा।''

समाजवादी पार्टी के ही अनिल प्रधान व अखिलेश के एक अन्‍य प्रश्‍न के उत्‍तर में प्रजापति ने बताया कि छह दिसंबर 2016 से होमगार्ड्स स्वयंसेवकों का ड्यूटी भत्ता, पुलिस कर्मियों के न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये को 30 दिन के माह के आधार पर प्रतिदिन 600 रुपये एवं इसमें शासन द्वारा समय-समय पर निर्धारित दर पर महंगाई भत्ते को जोड़ते हुए, अनुमन्य किया गया है। महंगाई भत्ते की दर में वृद्धि के साथ इनके दैनिक ड्यूटी भत्ता में भी परिणामस्वरूप स्‍वत: वृद्धि होती है।

होमगार्ड्स स्वयंसेवक का पद पूर्णतः अवैतनिक एवं स्वयंसेवी पद है, जिस पर राज्य कर्मचारियों के नियम व शर्तें लागू नहीं होती हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)