भुवनेश्वर, 24 अप्रैल केंद्रीय कौशल विकास राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने सोमवार को कहा कि साजो-सामान की आपूर्ति (लॉजिस्टिक्स) आने वाले वर्षों में युवा छात्रों के लिए अवसरों से भरा क्षेत्र होगी, जिसमें निवेश, उद्यमिता और रोजगार की अपार संभावनाएं होंगी।
वह यहां 27 से 29 अप्रैल तक होने वाली जी-20 शिक्षा कार्यसमूह की तीसरी बैठक से पहले ‘ट्रांसफॉर्मिंग लॉजिस्टिक्स फॉर कोस्टल इकोनॉमीज’ पर एक सम्मेलन में बोल रहे थे।
चंद्रशेखर ने कहा, ‘‘सेमीकंडक्टर्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी की तरह ही ‘लॉजिस्टिक्स’ आने वाले वर्षों में युवा छात्रों के लिए अवसरों से भरा क्षेत्र होगा, जिसमें निवेश, उद्यमिता और रोजगार की दृष्टि से व्यापक गुंजाइश है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अवसरों और चुनौतियों की दृष्टि से यह समय दुनिया के लिए दिलचस्प है और इस संदर्भ में भारत दुनिया का सबसे तेजी से विकास करने वाला देश बन गया है और भारत को दुनिया बहुत अधिक सम्मान के साथ देख रही है।’’
चंद्रशेखर ने कहा, ‘‘कई दशकों से एक तर्क यह था कि भारत के पास एक व्यवहार्य बाजार नहीं है और इसमें वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनने की क्षमता नहीं है, क्योंकि भारत में व्यापार करने की ‘लॉजिस्टिक’ लागत प्रतिस्पर्धी नहीं थी। आज विश्व की बड़ी कंपनियां सेमीकंडक्टर्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल एवं कई अन्य उत्पाद भारत में बना रही हैं, निर्यात कर रही हैं और भारत में बेच भी रही हैं।’’
चंद्रशेखर ने दोहराया कि युवाओं को अपने रोजगार की संभावनाएं बढ़ाने के लिए डिग्री प्राप्त करने के साथ-साथ कौशल हासिल करने पर भी ध्यान देना चाहिए।
जी-20 शिक्षा कार्यसमूह की पहली बैठक इस साल की शुरुआत में चेन्नई में हुई थी। इसके बाद दूसरी बैठक पिछले महीने अमृतसर में हुई थी। जून में आम सहमति पर पहुंचने से पहले शिक्षा समूह की तीन पूरक बैठकें होंगी।
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