बालाघाट, 20 फरवरी मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में पुलिस मुठभेड़ में मारी गयी चार महिला नक्सली छत्तीसगढ़ की रहने वाली थीं और उन पर कुल 62 लाख रुपये का इनाम था। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि ये नक्सली बुधवार को मुठभेड़ में मारी गयीं और वे मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के पुलिस बलों द्वारा वांछित थीं।
उन्होंने बताया कि इन राज्यों की पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग राशि का इनाम घोषित किया था।
अधिकारियों के अनुसार उनमें से एक 'कमांडर' आशा थी जिसके खिलाफ मध्यप्रदेश में 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में माओवादियों पर सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव के कारण, उनमें (नक्सलियों में) से कुछ पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए बालाघाट में घुस गए हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ महीनों में मुठभेड़ों में दर्जनों विद्रोही (नक्सली) मारे गए हैं।
उन्होंने बताया कि 29 साल बाद बालाघाट में एक ही मुठभेड़ में चार नक्सली मारी गयीं। बालाघाट की सीमा महाराष्ट्र के गोंदिया जिले और छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव, खैरागढ़ और कवर्धा जिलों से लगती है।
पुलिस के अनुसार मारी गयीं नक्सली रंजीता, शीला, लक्खे मरावी और आशा 25 से 35 साल की थीं और वे मध्यप्रदेश के मंडला में कान्हा बाघ अभयारण्य और छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के भोरमदेव वन्यजीव अभयारण्य के विद्रोही डिवीजन की विभिन्न समितियों की सक्रिय सदस्य थीं।
अधिकारियों ने बताया कि इस माओवादी इकाई को 'केबी' डिवीजन के नाम से भी जाना जाता था।
पुलिस के अनुसार, केबी डिवीजन की 'कमांडर' आशा छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले की रहने वाली थी और उस पर कुल 20 लाख रुपये का इनाम था, महाराष्ट्र में 12 लाख रुपये, उसके गृह राज्य में पांच लाख रुपये और मध्यप्रदेश में तीन लाख रुपये।
बृहस्पतिवार को बालाघाट जोन के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) संजय कुमार ने बताया कि मारी गयीं तीन अन्य नक्सलियों पर 14-14 लाख रुपए का इनाम था और उनकी पहचान कर ली गई है।
पुलिस के मुताबिक रंजीता उर्फ रामली आलमी छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले की रहने वाली थी तथा उस पर महाराष्ट्र में छह लाख रुपए, छत्तीसगढ़ में पांच लाख रुपए और मध्यप्रदेश में तीन लाख रुपए का इनाम था।
पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि सरिता उर्फ शीला उर्फ पदम मूल रूप से छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले की रहने वाली थी तथा महाराष्ट्र में उस पर छह लाख रुपये, छत्तीसगढ़ में पांच लाख रुपये और मध्यप्रदेश में तीन लाख रुपये का इनाम था।
कुमार ने बताया कि उसके खिलाफ 13 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
आईजीपी ने बताया कि मुठभेड़ में मारी गयी लक्खे मरावी भी सुकमा की रहने वाली थी और उस पर महाराष्ट्र में छह लाख रुपये, छत्तीसगढ़ में पांच लाख रुपये और मध्यप्रदेश में तीन लाख रुपये का इनाम था।
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