देश की खबरें | एक टोल प्लाजा की कहानी और अधूरे वादे

मंगलुरु (कर्नाटक), 17 सितंबर शहर के सूरतकल में एक ‘अवैध’ टोल प्लाजा के खिलाफ विभिन्न संगठनों का आंदोलन तेज हो गया है और टोल गेट के खिलाफ गठित कार्य समिति ने अधिकारियों को इसे 18 अक्टूबर तक बंद करने का अल्टीमेटम दिया है।

सूरतकल टोल गेट विरोधी समिति ने घोषणा की है कि अगर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने एक महीने के भीतर प्लाजा को बंद करने के अपने वादे का पालन नहीं किया तो वे समान विचारधारा वाले संगठनों के कार्यकर्ताओं की मदद से टोल गेट को हटा देंगे।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान-कर्नाटक (एनआईटी-के) के पास सूरतकल में स्थित यह टोल गेट पिछले कुछ साल से चर्चा में है क्योंकि लोग इसके कामकाज के तरीके का विरोध कर रहे हैं। आरोप है कि यह राष्ट्रीय राजमार्ग के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करता है।

प्लाजा हेजामाडी में अगले टोल गेट से सिर्फ नौ किलोमीटर दूर स्थित है। राष्ट्रीय राजमार्ग के नियमानुसार दो टोल गेट के बीच की दूरी कम से कम 60 किलोमीटर होनी चाहिए।

सूरतकल टोल प्लाजा भी मंगलुरु नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में आता है। एनआईटी-के अधिकारियों ने इसके कारण छात्रों और कर्मचारियों को होने वाली असुविधा को लेकर भी शिकायत की है।

कई संगठन 2015 में टोल प्लाजा के निर्माण के बाद से इसका विरोध कर रहे हैं। पिछले हफ्ते टोल गेट पर हालिया विरोध के बाद, समिति ने घोषणा की कि वह समान विचारधारा वाले संगठनों की मदद से खुद टोल प्लाजा को हटा देगी। विरोध के विभिन्न चरणों में 60 से अधिक संगठन संघर्ष में शामिल हुए हैं।

कार्य समिति के संयोजक मुनीर कटिपल्ला ने कहा कि वे चाहते हैं कि एनएचएआई प्लाजा को बंद करने के अपने फैसले को लागू करे और इसके लिए एक तारीख की घोषणा करे। एनएचएआई ने 23 अगस्त को घोषणा की थी कि एक महीने के भीतर टोल गेट बंद कर दिया जाएगा। पिछले हफ्ते के हालिया विरोध के दौरान, एनएचएआई के परियोजना निदेशक लिंगे गौड़ा ने कार्यक्रम स्थल का दौरा किया और कार्यकर्ताओं को एक महीने के भीतर टोल गेट बंद करने का फिर से आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा कि गेट बंद करने से संबंधित कागजी कार्रवाई जारी है और प्लाजा खाली करने में 20 से 30 दिन लग सकते हैं। प्लाजा को 18 अक्टूबर को बंद करने का कार्य समिति का ताजा फैसला इसी आश्वासन के मद्देनजर है। एनएचएआई ने अब तक टोल गेट को बंद करने की तारीख की घोषणा नहीं की है। कटिपल्ला ने कहा कि विभिन्न संगठनों से जुड़े सैकड़ों लोग 18 अक्टूबर को टोल गेट हटाने के लिए हाथ मिलाएंगे।

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