हरिद्वार,19 जून हाल ही में रिलीज 'आदिपुरुष' के चरित्र और संवादों को निम्नस्तरीय बताते हुए आक्रोशित साधु-संतों ने सोमवार को केंद्र सरकार से फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की तथा चेतावनी दी कि ऐसा ना होने पर पूरे देश में आंदोलन छेड़ा जाएगा।
रामायण के कथानक पर बनाई गयी फिल्म के बारे में जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानन्द ने कहा कि यह फिल्म एक अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र के तहत सनातन संस्कृति को बदनाम करने के लिए बनाई गयी है और भगवान श्री राम और हनुमान जी के चरित्रों द्वारा बोले गए संवाद वास्तव में बहुत ही निंदनीय हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘फिल्म में हनुमानजी के मुख से ऐसे संवाद बुलवाए गए हैं जो अमर्यादित हैं। भारत सरकार इस फिल्म को तत्काल प्रतिबंधित करे ताकि देश में कोई बड़ा बवाल ना हो।’’
महामंडलेश्वर स्वामी संतोषानंद ने 'आदिपुरुष' बनाने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग करते हुए कहा कि फिल्म में जिस प्रकार से किरदारों को फिल्माया गया है, वह सनातन परंपरा के विरुद्ध है। उन्होंने कहा, ‘‘भगवान राम हिंदुओं की आस्था के प्रतीक हैं और इससे खिलवाड़ की अनुमति किसी को नहीं है।’’
युवा भारत साधु समाज के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी रवि देव शास्त्री ने कहा कि 'आदिपुरुष' में दिखाए गए चरित्र हमारी संस्कृति से मेल नहीं खाते जबकि फिल्म में तथ्यों के साथ भी छेड़छाड़ की गयी है।
उन्होंने कहा कि फिल्म में माता सीता का जन्म स्थान नेपाल की जगह कुछ और बताया गया है जिससे नेपाल ने भी उस पर प्रतिबंध लगा दिया है।
शास्त्री ने देश में भी फिल्म पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की और कहा कि ऐसा नहीं होने पर पूरे देश में आंदोलन किया जाएगा।
शुक्रवार को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई 'आदिपुरूष' में प्रभास, कृति सैनन और सैफ अली खान ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। फिल्म को ओम राउत ने निर्देशित किया है।
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