जरुरी जानकारी | कर्ज के पुनर्गठन की अनुमति से खुदरा कारोबार उद्योग को मिलेगा सहारा: आरएआई

नयी दिल्ली, छह अगस्त देश के खुदरा विक्रेता विक्रेताओं के संगठन ‘दि रिटेलर्स एसोसियेशन आफ इंडिया (आरएआई) ने बृहस्पतिवार को कहा कि रिजर्व बैंक की ओर से छोटे कारोबारियों और कंपनियों को कर्ज के एकबारगी पुनर्गठन की सुविधा दिये जाने से खुदरा कारोबार उद्योग को बेहतर सहारा मिलेगा।

संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के कारण पिछले कुछ महीनों से उद्योग का कामकाज बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।

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संगठन का कहना है कि बैंकों को खुदरा क्षेत्र में काफी धन लगा हुआ है। और यदि यह क्षेत्र कोरोना वायरस महामारी के इस दौर में उद्योग को अपने पैरों पर खड़ा होने के लिये कड़ा संघर्ष करना पड़ा तो बैंकों के निवेश का बड़ा हिस्सा गैर- निष्पादित राशि (एनपीए) में परिवर्तित हो सकता है।

आरएआई ने उम्मीद जताई है कि एकबारगी पुनर्गठन योजना पर गौर करने के लिये बनाई गई समिति उद्योग के लिये अनुकूल और मददगार योजना को सामने लायेगी।

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आरएआई संगठन के सीईओ कुमार राजगोपालन ने एक वक्तव्य में कहा, ‘‘कर्ज के पुनर्गठन की अनुमति दिये जाने से खुदरा उद्योग को समर्थन मिलेगा। यह उद्योग पिछले कुछ महीने से काफी समस्याओं से गुजर रहा है। वर्तमान में खुदरा बिक्री कारोबार पिछले साल के मुकाबले 40 प्रतिशत के आसपास ही रह गया है।’’

उन्होंने कहा कि पुनर्गठन की इस सुविधा से खुदरा उद्योग को अपने पैरों पर खड़ा होने का मौका मिलेगी और वह आर्थिक संकट से लड़ पायेगा।

राजगोपालन ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि एकबारगी पुनर्गठन योजना पर गौर करने के लिये जाने माने बैंकर केवी कामत की अध्यक्षता में बनने वाली नई समिति खुदराउद्योग के लिये कर्ज पुनर्गठन की बेहतर मदद करने वाली योजना लेकर आयेगी।’’

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