देश की खबरें | उप्र के प्रस्तावित बजट को सत्ता पक्ष ने विकासपरक और विपक्ष ने सपने बेचने वाला बताया

लखनऊ, 25 फरवरी उत्तर प्रदेश विधानसभा में शनिवार को वित्तीय वर्ष 2023-24 के प्रस्तावित बजट पर चर्चा की शुरुआत हुई और इस दौरान जहां सत्ता पक्ष के सदस्यों ने इसे ऐतिहासिक व विकासपरक बताया, वहीं विपक्ष ने सपने बेचने वाला बजट कहा।

विधानसभा में शनिवार को वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट अनुमानों पर चर्चा करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ सदस्य लालजी वर्मा ने कहा, ‘‘मैंने इस बजट का अवलोकन किया और यह बजट सपने बेचने वाला बजट है।''

उन्होंने कहा, ''यह बजट किसान, नौजवान, महिला, मजदूर विरोधी है और इस प्रदेश को विकास की तरफ नहीं बल्कि अवनति की तरफ ले जाने वाला है। इसमें केवल आंकड़े और हवा हवाई बात है।''

सरकार पर पूरी तरह पक्षपातपूर्ण कार्य करने का आरोप लगाते हुए दिनकर जी की कविता 'सिंहासन खाली करो, जनता आती है' सुनाते हुए वर्मा ने दावा किया कि निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश और दिल्ली से इन लोगों (भाजपा) को सत्ता खाली करनी पड़ेगी।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ सदस्य सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि इस बजट की जितनी प्रशंसा की जाए, कम होगी। उन्‍होंने कहा कि यह बजट सबके साथ, सबके विकास, सबके विश्‍वास वाला बजट है, यह टोपी पहनाने वाला बजट नहीं है। उन्होंने एक शेर ''हम पर कमी निकालना भूल जाएंगे लोग, अगर तोहफे में उनको आईना दे दिया'' पढ़ते हुए कहा, ''मैं सोच रहा हूं कि आइना दे ही दूं'' और इसके बाद उन्होंने आंकड़ों का सिलसिलेवार ब्यौरा दिया और पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी की सरकार और भाजपा सरकार के कार्यों की तुलना की।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली भारतीय जनता पार्टी सरकार के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्‍ना ने बुधवार को वित्त वर्ष 2023-24 के लिये विधानसभा में छह लाख 90 हजार 242 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इस बजट में 32 हजार 721 करोड़ 96 लाख रुपये की नयी योजनाएं शामिल की गयी हैं।

चर्चा में भाजपा के राम नरेश अग्निहोत्री ने प्रस्तावित बजट की सराहना करते हुए कहा कि खन्‍ना जी द्वारा प्रस्तुत बजट ऐतिहासिक व विकासपरक है।

सपा के डॉक्टर मुकेश वर्मा ने प्रस्तावित बजट की आलोचना करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार पिछड़ों, दलितों, महिला, रोजगार, नौजवान विरोधी सरकार है।

भाजपा के महेश गुप्ता ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि यह बजट वास्तव में किसानों, मजदूरों, श्रमिकों और हर एक के हित का बजट है। उन्होंने कहा कि यह बहुत कल्याणकारी बजट है। सपा की पूजा सरोज ने बिजली समेत कई विभागों की समस्या बताते हुए बजट को जनविरोधी बताया।

बजट पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष ने जहां इसकी सराहना की, वहीं विपक्षी सदस्यों ने इसमें सिलसिलेवार खामियां गिनाईं।

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