नयी दिल्ली, 18 मार्च तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओब्रायन ने मंगलवार को कहा कि महाकुंभ पर लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वक्तव्य ‘‘डैमेज कंट्रोल’’ वाला भाषण था जिसका उद्देश्य अमेरिका द्वारा लगाए गए शुल्क (टैरिफ) जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाना था।
उन्होंने यह भी कहा कि दोनों सदनों में मंत्रियों के बयानों पर सदस्यों द्वारा स्पष्टीकरण मांगे जाने की कई मिसाले हैं।
राज्यसभा में टीएमसी के संसदीय दल के नेता ओब्रायन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी का भाषण एक क्षति-नियंत्रण भाषण है। वह अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में ‘डैमेज कंट्रोल मोड’ में हैं... वह चाहते हैं कि उनके सांसद तारीफ़ करें, लेकिन ट्रंप ने टैरिफ लगा दिया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह वही प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने संसद के पटल पर एक भी प्रश्न का उत्तर नहीं दिया है। यह वही प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने एक भी संवाददाता सम्मेलन को संबोधित नहीं किया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री (ममता बनर्जी) सप्ताह में कम से कम एक बार संवाददाता सम्मेलन को अवश्य संबोधित करती हैं।’’
प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुए ‘महाकुंभ’ को भारत के इतिहास में अहम मोड़ करार देते हुए मंगलवार को लोकसभा में कहा कि दुनिया ने देश के विराट स्वरूप को देखा और यह ‘सबका प्रयास’ का साक्षात स्वरूप भी था, जिसमें ‘एकता का अमृत’ समेत कई अमृत निकले।
प्रयागराज में संपन्न महाकुंभ को लेकर निचले सदन में दिए गए एक वक्तव्य में मोदी ने यह भी कहा कि महाकुंभ में अनेकता में एकता का विराट रूप, देश की सामूहिक चेतना और सामर्थ्य भी दिखा।
हक
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