जरुरी जानकारी | भारत में जून तिमाही में मकानों के दाम दो प्रतिशत घटे, मूल्य वृद्धि रैंकिंग में रहा 54वां स्थान

नयी दिल्ली, 15 सितंबर मकानों की कीमत वृद्धि के मामले में भारत की रैकिंग अप्रैल-जून तिमाही में 11 स्थान गिरकर 54 रह गयी। इस तिमाही के दौरान भारत में मकानों

के दाम पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले करीब दो प्रतिशत नीचे आ गये।

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इससे पहले 2020 की पहली तिमाही जनवरी-मार्च में भारत 43वें स्थान पर था।

वैश्विक संपत्ति सलाहकार कंपनी नाइट फ्रैंक की ‘ग्लोबल हाउस प्राइस इंडेक्स अप्रैल-जून 2020’ में 56 देशों की रैकिंग की गई है।

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रपट में देश की रैकिंग गिरने की बड़ी वजह अप्रैल-जून तिमाही में आवासों की कीमत पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 1.9 प्रतिशत गिरना बतायी गयी है।

वर्ष 2019 की इसी अवधि से तुलना करने पर वर्ष 2020 की दूसरी तिमाही में वार्षिक रैकिंग में तुर्की सबसे ऊपर रहा। यहां आवास कीमत में सालाना आधार पर 25.7 प्रतिशत की बढ़त देखी गयी। इसके बाद 13.9 प्रतिशत की वृद्धि के साथ लक्जमबर्ग और 12.4 प्रतिशत की बढ़त के साथ लिथुआनिया तीसरे स्थान पर रहा।

समीक्षावधि में सबसे बुरा प्रदर्शन हांगकांग का रहा। यहां आवास की कीमत में सालाना आधार पर 2.8 प्रतिशत की गिरावट रही।

नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिशिर बैजल ने कहा कि देश के अधिकतर बाजारों में आवास क्षेत्र कमजोर मांग से जूझ रहा है। कोविड-19 महामारी से वैश्विक अर्थव्यवस्था में नरमी ने रियल एस्टेट क्षेत्र पर बुरा असर डाला है।

रिपोर्ट के मुताबिक सर्वेक्षण में शामिल देशों में से 9 प्रतिशत में सालाना आधार पर मकानों के दाम घटे हैं। शीर्ष स्थान पाने वाले दस देशों में से आठ स्थान यूरोपीय देशों को मिले हैं।

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