गुवाहाटी, 22 फरवरी भाजपा की असम इकाई के प्रमुख दिलीप सैकिया ने शनिवार को कहा कि पार्टी “33 प्रतिशत अल्पसंख्यक मतदाताओं को अलग-थलग नहीं कर सकती” क्योंकि उसने 2026 के विधानसभा चुनावों में अपने दम पर साधारण बहुमत हासिल करने और अपने सहयोगियों के साथ 100 सीटों का आंकड़ा पार करने का लक्ष्य रखा है।
सैकिया ने कहा कि अपने सहयोगियों असम गण परिषद (एजीपी) और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी, प्रोग्रेसिव (यूपीपीएल) के साथ सीट बंटवारे पर प्रारंभिक चर्चा पहले ही शुरू हो चुकी है, जबकि पार्टी अपने मौजूदा विधायकों के प्रदर्शन पर एक सर्वेक्षण भी कर रही है।
पिछले महीने प्रदेश अध्यक्ष का पद संभालने वाले सैकिया ने यहां संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा, ‘‘अल्पसंख्यक-बहुसंख्यक का यह विमर्श और तुष्टीकरण की राजनीति कांग्रेस द्वारा गढ़ी गई है। भाजपा ने हमेशा खुद को ऐसी राजनीति से दूर रखा है।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या पार्टी राज्य में धार्मिक अल्पसंख्यक मतदाताओं को लुभाने का प्रयास करेगी, दो बार के सांसद ने कहा, ‘‘हम 33 प्रतिशत मतदाताओं को खुद से अलग नहीं रख सकते। हमें उन्हें विकास की धारा में शामिल करना होगा। असम को शीर्ष पांच राज्यों में शामिल करने के लिए, (राज्य के) सभी भागों और लोगों को इसमें समान भागीदार होना होगा।’’
सैकिया ने कहा कि 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी का पहला लक्ष्य 126 सदस्यों वाले सदन में 63 से अधिक सीटों को जीतकर अपने दम पर साधारण बहुमत हासिल करना है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे सहयोगियों के साथ मिलकर हमारा लक्ष्य 100 सीटों पर जीत हासिल करना है। आज की स्थिति के अनुसार, हम 85 सीटों पर जीत की स्थिति में हैं, हमें 15 और सीटें जोड़ने की जरूरत है।’’
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