गुवाहाटी, 23 दिसंबर असम में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे रोगियों की संख्या में पिछले वर्षों के दौरान वृद्धि हुई है और कोविड महामारी के दस्तक देने के बाद से ऐसे मामले अधिक संख्या में सामने आए हैं। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री केशव महंत ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विधायक मृणाल सैकिया के प्रश्न के लिखित उत्तर में महंत ने कहा कि अप्रैल 2021 से मार्च 2022 के बीच आत्महत्या के 927 मामले सामने आए हैं।
उन्होंने कहा कि सबसे अधिक 119 मामले कामरूप जिले में सामने आए हैं। बारपेटा में 68 और बक्सा में 59 मामले सामने आए।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस साल अप्रैल से नवंबर के बीच आत्महत्या के 721 मामले सामने आए हैं और 68 मामलों के साथ कामरूप पहले स्थान पर रहा है।
मंत्री ने कहा, “कोविड महामारी की दस्तक के बाद मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करने वाले कई रोगियों ने विशेषज्ञों की मदद ली है।”
महंत ने कहा कि 2020-21 में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत नए ओपीडी (आउट पेशेंट विभाग) और आईपीडी (इन-पेशेंट विभाग) रोगियों की संख्या क्रमशः 17,832 और 3,807 थी, जो 2021-22 में बढ़कर 29,557 और 3,873 हो गई।
उन्होंने कहा कि अप्रैल से नवंबर 2022 तक, नए ओपीडी पंजीकरण 30,733 रहे, जबकि आईपीडी पंजीकरण की संख्या 3,029 रही।
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