नयी दिल्ली, आठ अगस्त बीजू जनता दल (बीजद) ने मंगलवार को कहा कि सरकार के खिलाफ विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लोकसभा में लाने के लिए लाया गया है, लेकिन यह प्रस्ताव ‘गिर जाएगा और कांग्रेस को इसका कोई फायदा नहीं होगा’।
निचले सदन में बीजद के नेता पिनाकी मिश्रा ने कांग्रेस सदस्य गौरव गोगोई के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि उनकी पार्टी की स्थापना कांग्रेस के विरोध की बुनियाद पर हुई थी और वह कभी कांग्रेस के प्रस्ताव का समर्थन नहीं कर सकती।
उन्होंने कहा कि बीजद को लगता है कि यह अविश्वास प्रस्ताव लाने का सही समय नहीं है।
मिश्रा ने कहा, ‘‘यह प्रस्ताव केवल प्रधानमंत्री को सदन में लाने के लिए लाया गया है। कांग्रेस जानती है कि हर बार प्रधानमंत्री जब सदन में बोलते हैं तो कांग्रेस को पूरी तरह धराशायी कर देते हैं। सब जानते हैं और इसमें कोई संदेह नहीं है कि प्रधानमंत्री एक बेमिसाल वक्ता हैं। देश में इस समय उनके स्तर का वक्ता नहीं है। वह बृहस्पतिवार को इस चर्चा के जवाब में भी ऐसा ही करेंगे। ’’
बीजद सांसद ने कहा, ‘‘मुझे समझ नहीं आता कि ये लोग (कांग्रेस) प्रधानमंत्री को सदन में बुलाकर आफत मोल क्यों लेते हैं। यह कांग्रेस की सामान्य समझ, राजनीतिक समझ को दर्शाता है।’’
मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस को इस प्रस्ताव को लाने का कोई फायदा नहीं होगा और यह मत विभाजन में गिर जाएगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस समेत विपक्ष का आरोप है कि प्रधानमंत्री मोदी मणिपुर के मुद्दे पर संसद में आकर नहीं बोल रहे। मिश्रा ने कहा कि यह तो देश की जनता तय करेगी कि प्रधानमंत्री का सदन में आकर नहीं बोलना सही है या नहीं।
मिश्रा ने संसद में पिछले दिनों मणिपुर के मुद्दे पर विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे का जिक्र करते हुए कहा कि अवरोध की इस राजनीति का पहले कभी कोई फायदा नहीं हुआ है और ना ही आगे होगा।
उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दल तो चाहते हैं कि इस तरह शोर-शराबे में उनके विधेयक पारित हो जाएं और मंत्रियों को जवाब नहीं देने पड़ें।
मिश्रा ने कहा कि उनकी पार्टी के अध्यक्ष और ओडिशा के मुख्यमंत्री.. केंद्र सरकार से अनावश्यक झगड़े लेने में विश्वास नहीं करते और उनका मानना है कि केंद्र से लगातार लड़ते हुए काम कर पाना राज्यों के लिए संभव नहीं है।
मिश्रा ने कहा कि बीजद राजनीतिक रूप से भाजपा के खिलाफ है, भाजपा ओडिशा में मुख्य विपक्षी दल है। उन्होंने कहा कि बीजद का मानना है कि दलीय राजनीति अलग बात है लेकिन चुनाव के बाद दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सकारात्मक सहयोग की बात होनी चाहिए।
उन्होंने पुरी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा और पुरी हेरिटेज कॉरिडोर बनाने समेत ओडिशा में विभिन्न परियोजनाओं में सहयोग के लिए केंद्र सरकार का आभार भी जताया।
मिश्रा ने कहा कि जहां तक मणिपुर हिंसा की बात है तो गृह मंत्री अमित शाह ने सर्वदलीय बैठक बुलाकर विस्तृत रूप से पूरा विश्लेषण दिया था जिसमें मणिपुर से कांग्रेस के प्रतिनिधि भी थे।
उन्होंने कहा कि मणिपुर में जातीय हिंसा का मुद्दा पिछले एक-दो दशक का नहीं बल्कि 40-50 साल से है और पहले भी तीन-चार बार यह मुद्दा इससे अधिक उग्र रूप में सामने आ चुका है।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर इस समय केंद्र को जिम्मेदार ठहराने के बजाय सभी दलों को सकारात्मक सुझाव देने चाहिए।
मिश्रा ने मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर परेड कराने की घटना के वीडियो के संदर्भ में कहा कि महिलाओं के खिलाफ इस तरह अत्याचार के दृश्य पूरी दुनिया में उन-उन जगहों पर हैं जहां इस तरह के विवाद हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाना होगा और इस दिशा में बीजद का मानना है कि महिला आरक्षण विधेयक एक पहल हो सकती है।
मिश्रा ने कहा कि बीजद पहले से यह मांग करती रही है और सरकार को मौजूदा लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक लाकर पारित कराना चाहिए।
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