नयी दिल्ली, 23 फरवरी राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली सरकार के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग को एक हलफनामा देने का निर्देश दिया है कि मानसून के दौरान बाढ़ को रोकने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में 24 नालों की सफाई व गाद निकालने का काम 31 मई तक पूरा कर लिया जाएगा।
एनजीटी यमुना में गिरने वाले 24 नालों की सफाई के मुद्दे पर सुनवाई कर रहा था।
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की पीठ ने 21 फरवरी के आदेश में कहा कि सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने नालों से गाद निकालने की स्थिति के बारे में 20 फरवरी को एक रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें कार्य पूरा होने की समयसीमा का विवरण भी था।
रिपोर्ट के अनुसार, सभी नालों से गाद निकालने का काम 31 मई तक पूरा करने का समय है। अधिकांश काम 14 फरवरी तक पूरा हो चुका है।
पीठ ने कहा, ‘‘यह पाया गया है कि यदि सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा समय-सीमा के भीतर गाद निकालने का काम पूरा नहीं किया गया तो इस वर्ष मानसून शुरू होने पर नालों से पानी उफन कर बाहर बहने लगेगा, जिससे आसपास की कॉलोनी के लोगों को समस्या का सामना करना पड़ सकता है, जिसका सामना उन्होंने पिछले मानसून में किया था।’’
एनजीटी ने मामले की अगली सुनवाई 27 फरवरी के लिए तय की।
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