इंदौर, 24 मई मध्यप्रदेश सरकार ने बुधवार को घोषणा की कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के मामलों में गिरफ्तार लोगों के जमानतदारों के नाम उनके मोहल्ले में बाकायदा बोर्ड लगाकर सार्वजनिक किए जाएंगे।
राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इंदौर में संवाददाताओं को बताया,‘‘जन प्रतिनिधियों के साथ पुलिस अधिकारियों की बैठक में तय किया गया है कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के जमानतदारों के नाम उनके मोहल्ले में बोर्ड लगाकर सार्वजनिक किए जाएंगे। इस मुहिम का पहला चरण इंदौर से शुरू होगा।’’
उन्होंने बताया कि इस मुहिम के अगले चरण में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों से संबंधित अन्य लोगों के नाम इस बोर्ड पर लिखने के बारे में विचार किया जाएगा।
गौरतलब है कि मिश्रा, इंदौर जिले के प्रभारी मंत्री हैं जहां नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों के मामले आए दिन सामने आते हैं।
उन्होंने बताया कि जिला योजना समिति की बैठक में इंदौर विकास प्राधिकरण के प्रस्ताव पर तय किया गया है कि शहर के राजेंद्र नगर में बन रहे सभागार का नाम दिवंगत स्वर कोकिला लता मंगेशकर के नाम पर रखा जाएगा।
मंगेशकर का जन्म इंदौर में 28 सितंबर 1929 को हुआ था और उन्होंने मुंबई में छह फरवरी 2022 को आखिरी सांस ली थी।
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा था कि अगर 2,000 रुपये का नोट वापस ही लिया जाना था, तो इसे पेश क्यों किया गया था?
गृह मंत्री मिश्रा ने सिंह के इस बयान पर तंज कसते हुए कहा,‘‘यह तो वैसी ही बात हो गई कि जब किसी व्यक्ति को मरना ही था, तो उसे पैदा क्यों किया गया?’’
हर्ष
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