ताजा खबरें | लोकसभा ने ‘जन विश्वास प्रावधान संशोधन विधेयक, 2022’ संसद की संयुक्त समिति को भेजा

नयी दिल्ली, 22 दिसंबर सरकार ने व्यापार से जुड़ी छोटी-छोटी गलतियों को अपराध के दायरे से बाहर रखने के प्रावधान वाला ‘जन विश्वास प्रावधान संशोधन विधेयक, 2022’ बृहस्पतिवार को लोकसभा में पेश किया ।

निचले सदन ने इस विधेयक को अध्ययन एवं विचार के लिए संसद के दोनों सदनों की संयुक्त समिति को भेजने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी दलों के सदस्यों के शोर-शराबे के बीच वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सदन में कहा, ‘‘हमारे देश में कई सारे ऐसे कानून हैं जिसमें छोटी-छोटी गलतियों के लिए लोगों को सजा दी जाती है, कानूनी कार्रवाई होती है और उन्हें अदालतों के चक्कर लगाने होते हैं।’’

उन्होंने कहा कि यह सरकार लोगों के ऊपर भरोसे की बात करती है और मानती है कि सामान्यतया व्यापारी वर्ग, आम लोग ईमानदारी से काम करते हैं और जीवन यापन करते है।

गोयल ने कहा कि कभी-कभी लोगों से गलती हो जाती है, उनके लिए सरकार का मानना है कि उन्हें छोटी-छोटी गलतियों के लिए अदालत नहीं जाना पड़े और जुर्माना देकर मामला सुलझ जाए।

उन्होंने कहा, ‘‘2014 से ही हमारी सरकार लगातार जनता की जिदंगी आसान बनाने के लिए लगातार निर्णय लेती जा रही है। इनमें स्वत: प्रमाणन, जीएसटी जैसे नये कानून और अन्य कई कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किये गये। इससे व्यापार सुगमता और जीवन सुगमता बढ़ी है। हम चाहते हैं कि देसी-विदेशी निवेशकों को भारत में रेड टेप के बजाय रेड कारपेट का माहौल मिले।’’

मंत्री ने कहा कि इसी क्रम में लगभग 1500 पुराने और अप्रचलित कानूनों को समाप्त किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे सरलीकरण होगा और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों का व्यापार और जीवन और सरल होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री की अद्वितीय कल्पना से हमने इस विधेयक के माध्यम से 19 मंत्रालयों से जुड़े 42 अलग-अलग कानूनों में 183 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर रखने का काम किया है।’’

गोयल ने कहा कि जनता का विश्वास और व्यापारियों का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण है और इससे अदालतों पर भी भार कम होगा। उन्होंने कहा कि इसलिए इसका नाम ‘जन विश्वास प्रावधान संशोधन विधेयक, 2022’ दिया गया है।

उन्होंने उक्त विधेयक को संसद के दोनों सदनों की एक संयुक्त समिति को अध्ययन के लिए भेजने का प्रस्ताव भी रखा जिसे सदन ने ध्वनि मत से मंजूरी दे दी।

समिति में लोकसभा से 21 सदस्य होंगे जिनमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पीपी चौधरी, संजय जायसवाल, उदय प्रताप सिंह, संजय सेठ, क्वीन ओझा, खगेन मूर्म, पूनम महाजन, पूनम मदाम, अपराजिता सारंगी, राजेंद्र अग्रवाल, रतन लाल कटारिया और अरविंद ब्रह्मपुरी, कांग्रेस के गौरव गोगोई और डीन कुरियाकोस, तृणमूल कांग्रेस के सौगत रॉय, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की वी सत्यवती, द्रमुक के ए राजा, शिवसेना से गजानन कीर्तिकर, जदयू सांसद राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह, बीजू जनता दल के पिनाकी मिश्र और बहुजन समाज पार्टी के गिरीश चंद्र हैं। इनके अलावा राज्यसभा के 10 सदस्य समिति में होंगे।

गोयल ने कहा कि समिति बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले साप्ताह के अंतिम दिन तक अपनी रिपोर्ट देगी।

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