देश की खबरें | दलित बच्चों से भेदभाव के मामले में कार्रवाई के बाद सुलझा मसला

मैनपुरी (उत्तर प्रदेश), 27 सितंबर मैनपुरी जिले के एक स्कूल में दलित बिरादरी के बच्चों के बर्तन अलग रखे जाने के मामले में प्रधानाचार्य के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई के बाद सोमवार को मध्याह्न भोजन के दौरान नजारा बिल्कुल बदला नजर आया।

मैनपुरी के बेवर विकासखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय दोदरपुर में दलित बच्चों के खाने के बर्तन दूसरी बिरादरी के बच्चों के बर्तनों से अलग रखे जाते थे और उन बर्तनों को बच्चों से ही धुलवाया जाता था। उक्त मामला संज्ञान में आने पर प्रशासन ने रविवार को स्कूल की प्रधानाचार्य गरिमा सिंह राजपूत को निलंबित और दोनों रसोइयों को बर्खास्त कर दिया।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कमल सिंह ने सोमवार को बताया कि प्राथमिक विद्यालय दोदरपुर में मध्याह्न भोजन के लिए दलित बच्चों के बर्तन अलग रखे जाने और भोजन के बाद उन्हें दलित छात्रों से ही धुलवाए जाने के मामले में ग्राम प्रधान मंजू देवी, उनके पति साहब सिंह और स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों की एक बैठक की गई जिसमें इस मामले को सुलझा लिया गया।

उन्होंने बताया कि सोमवार को मध्याह्न भोजन के दौरान सभी बच्चों ने साथ बैठकर खाना खाया और इस दौरान कोई भेदभाव नहीं हुआ।

कुमार ने कहा कि ग्राम प्रधान मंजू देवी के पति साहब सिंह ने शिकायत की थी कि विद्यालय में अनुसूचित जाति के बच्चों के बर्तन अलग रखे जाते हैं। अनुसूचित जाति के बच्चों द्वारा प्रयोग किये गये बर्तनों को रसोई में रखने की अनुमति नहीं थी।

सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने पर उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कमल सिंह और परियोजना निदेशक के. के. सिंह के साथ विद्यालय और रसोई का निरीक्षण किया और वहां अनुसूचित जाति के बच्चों द्वारा प्रयोग किये गये बर्तनों को अलग कक्ष में रखा पाया।

मामले पर संज्ञान लेते हुए मौके पर ही दो रसोइयों की सेवा समाप्त कर दी और प्रधानाध्यापिका गरिमा सिंह राजपूत को उनके कर्तव्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया।

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