देश की खबरें | किसानों की समस्या सरकार को हल करने की जरुरत है, न्यायालय को नहीं : एआईकेएस
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 18 दिसंबर ऑल इंडिया किसान सभा (एआईकेएस) ने शुक्रवार को कहा कि तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन का समाधान निकलाने की जरूरत सरकार को है, उच्चतम न्यायालय को नहीं।

संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान आंदोलन में शामिल करीब 40 किसान संगठनों में से एक किसान सभा ‘दिल्ली चलो’ अभियान का नेतृत्व कर रहा है और उसका कहना है कि पहले-पहल किसी किसान संगठन ने अदालत का दरवाजा खटखटाकर मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध नहीं किया।

संगठन के वरिष्ठ नेता पी. कृष्ण प्रसाद ने कहा, ‘‘समाधान निकालने की जरूरत सरकार को है, उच्चतम न्यायालय को नहीं। अदालती आदेश में भी यह स्पष्ट कहा गया है। हम इस समझ के कारण अदालत नहीं गए कि किसानों का यह संघर्ष सरकारी नीतियों के खिलाफ है और संकट का समाधान कार्यपालिका को करना है।’’

न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा था कि किसान आंदोलन को बिना किसी बाधा के जारी रहने देना चाहिए और अदालत इसमें हस्तक्षेप नहीं करेगी क्योंकि विरोध करने का अधिकार संविधान प्रदत मौलिक अधिकार है।

न्यायालय दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे प्रदर्शनों के खिलाफ दायर विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था।

समाधान के लिए केन्द्र और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों को मिलाकर समिति गठित करने के न्यायालय की सलाह पर किसान सभा के महासचिव हन्नन मुल्ला ने कहा कि सरकार और किसानों के प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत में भी यह मुद्दा उठा था लेकिन पहले ही दिन इसे खारिज कर दिया गया था।

उस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहे मुल्ला ने कहा, ‘‘उन्होंने (सरकार) कहा कि हमें समिति गठित करने दें और हम उसपर चर्चा करेंगे। पहले ही दिन यह खारिज हो गया। हम समितियों का भविष्य और उसकी सिफारिशें जानते हैं। लोग यहां सर्दी में बैठे हैं, मर रहे हैं और इसका समाधान तत्काल करने की जरुरत है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम बिना किसी समाधान के वर्षों तक मुद्दे पर चर्चा करते नहीं रह सकते हैं। इससे हमारा लक्ष्य प्राप्त नहीं होगा।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)