देश की खबरें | विदेश मंत्री ने बांग्लादेश से कहा कि आतंकवाद को सामान्य न बनाया जाए: विदेश मंत्रालय

नयी दिल्ली, 21 फरवरी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में मस्कट में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के विदेश मामलों के सलाहकार तौहीद हुसैन के साथ बैठक के दौरान कहा था कि बांग्लादेश को ‘‘आतंकवाद को सामान्य नहीं बनाना चाहिए।’’

दोनों नेताओं ने पिछले सप्ताह ओमान की राजधानी मस्कट में 8वें हिंद महासागर सम्मेलन (आईओसी) के दौरान मुलाकात की थी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से उनके साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन में पूछा गया कि क्या मस्कट में दोनों मंत्रियों के बीच चर्चा के दौरान सार्क का मुद्दा उठा था।

इसपर उन्होंने कहा, “हां, जब हमारे विदेश मंत्री ने मस्कट में उनके विदेश सलाहकार से मुलाकात की थी, तब बांग्लादेश की ओर से इस मुद्दे को उठाया गया था। दक्षिण एशिया में हर कोई जानता है कि कौन सा देश और कौन सी गतिविधियां सार्क को बाधित करने के लिए जिम्मेदार हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि बांग्लादेश को आतंकवाद को सामान्य नहीं बनाना चाहिए।”

वर्ष 2024 में एक ‘थिंक-टैंक’ के सम्मलेन में एक संवाद सत्र में जयशंकर ने किसी देश का नाम लिए बिना कहा था कि दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) संकट में है, क्योंकि इसका एक सदस्य देश लगातार आतंकवाद का समर्थन कर रहा है।

सार्क एक क्षेत्रीय समूह है जिसमें भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, भूटान, मालदीव, नेपाल और श्रीलंका शामिल हैं। पिछले साल बांग्लादेश में छात्रों के नेतृत्व में हुए अभूतपूर्व विरोध प्रदर्शनों के कारण शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार गिर गई थी। इसके बाद हसीना पांच अगस्त को भारत भाग गई थीं और देश में राजनीतिक उथल-पुथल में मच गई थी।

इस समय देश का नेतृत्व मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस कर रहे हैं, और सलाहकारों की एक टीम उनकी सहायता कर रही है।

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार लंबे समय से स्थगित पड़े सार्क को पुनर्जीवित करने पर जोर दे रही है। बैठक के बाद 16 फरवरी को जयशंकर द्वारा ‘एक्स’ पर की गई पोस्ट में सार्क का जिक्र नहीं था।

उन्होंने लिखा था, “बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन से मुलाकात की। बातचीत हमारे द्विपक्षीय संबंधों और बिम्सटेक पर भी केंद्रित रही।”

पिछले सप्ताह मस्कट में दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, “हुसैन ने 1996 में हस्ताक्षरित गंगा जल संधि के नवीनीकरण के लिए चर्चा आरंभ करने का अनुरोध किया तथा सार्क स्थायी समिति की बैठक बुलाने की आवश्यकता पर बल देते हुए इस मामले में नई दिल्ली से समर्थन का अनुरोध किया।”

उन्होंने कहा था, “दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों के संदर्भ में दोनों पड़ोसियों के सामने आने वाली चुनौतियों की पहचान की और उनसे निपटने के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता पर चर्चा की।”

बांग्लादेश और भारत के बीच 4,000 किलोमीटर से अधिक लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है।

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