तिरुवनंतपुरम, एक फरवरी केरल के वित्त मंत्री के एन बालगोपाल ने शनिवार को निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट पर कड़ी नाराजगी और निराशा जाहिर करते हुए केंद्र पर आवंटन में राज्यों के प्रति ‘राजनीतिक भेदभाव’ करने का आरोप लगाया।
मंत्री ने कहा कि केरल को कई तरह की उम्मीदें थीं, लेकिन बजट में प्रदेश को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया।
बालगोपाल ने यहां संवाददाताओं से कहा कि यह ‘बेहद दुखद और निंदनीय’ है कि बजट में वायनाड में हुए भूस्खलन या विझिनजाम बंदरगाह का कोई जिक्र नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री ने बिहार और नयी दिल्ली में आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए कई घोषणाएं की हैं।
बालगोपाल ने कहा कि वायनाड में भूस्खलन से हुए नुकसान के लिए कोई पैकेज या यहां तक कि कोई संदर्भ भी नहीं था।
उन्होंने कहा कि विझिनजाम बंदरगाह का कोई उल्लेख नहीं था और राज्य को कोई सामान्य वित्तीय आवंटन नहीं दिया गया।
बालगोपाल ने कहा कि सीतारमण ने अपने बजट में निर्यात के बारे में विस्तार से बात की लेकिन केरल में विझिनजाम बंदरगाह को नजरअंदाज कर दिया गया, जो पिछले दो दशकों में देश में सबसे महत्वपूर्ण निर्यात प्रोत्साहन योजना रही है।
उन्होंने कहा कि एक बड़ा बंदरगाह निर्यात के लिए प्रवेश द्वार है लेकिन इसके लिए कोई आवंटन नहीं किया गया है।
राज्य के वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में प्रदेश के लिए कोई महत्वपूर्ण संस्थान आवंटित नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा, “यह बेहद दुखद और निंदनीय है। हमें उम्मीद है कि वह (निर्मला सीतारमण) कोई कदम उठायेंगी।”
बालगोपाल ने केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए कहा कि यह देश के सभी राज्यों के लिए बिना किसी भेदभाव के समान व्यवहार सुनिश्चित करने में ‘विफल’ रहा।
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