जरुरी जानकारी | ‘किसान को निजी पार्टियों के साथ फसल बिक्री का करार कर के खेती करने का होगा मौका’

नयी दिल्ली, तीन जून जलवायु परिवर्तन के कारण किसानों को फसलों का विविधीकरण करने की ओर प्रोत्साहित करने और उन्हें बेहतर मूल्य दिलाने में मदद करने के लिए, मंत्रिमंडल ने बुधवार को किसानों को अपनी उपज को सीधा प्रसंस्करणकर्ताओं, एग्रीगेटर, थोक व्यापारी, बड़े खुदरा विक्रेताओं और निर्यातकों को विपणन की अनुमति देने वाले एक अध्यादेश को मंजूरी प्रदान की।

कीमत गारंटी एवं और कृषि सेवा पर किसानों का (सशक्तीकरण और संरक्षण) समझौता अध्यादेश, 2020 का उद्देश्य किसानों को बिना किसी डर के अपनी उपज के विपणन के लिए प्रतिस्पर्धा का समान अवसर प्रदान करना है।

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मंत्रिमंडल के फैसले की घोषणा करते हुए, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, ‘‘जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने पर बहुत चर्चा हुई है। लेकिन फसल विविधीकरण एक सुनिश्चित बाजार के बिना नहीं हो सकता। यह अध्यादेश किसानों को प्रोसेसर और बड़े फुटकर विक्रेता जैसे खरीदारों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करेगा।’’

उन्होंने कहा कि किसान अब बुआई से पहले पूर्व निर्धारित दरों पर उपज बेचने के लिए खरीदारों के साथ अनुबंध कर सकते हैं।

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मंत्री के अनुसार, यह किसान से प्रायोजक पर बाजार की अप्रत्याशित जोखिम को स्थानांतरित करेगा और किसान को आधुनिक तकनीक और बेहतर आदानों तक पहुंच हो सकेगी। यह विपणन की लागत को कम करेगा और किसानों की आय में सुधार करेगा।

अध्यादेश में राज्य सरकारों को ऐसे लेनदेन पर कोई कर लगाने से रोकने का प्रस्ताव है।

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