(अनीसुर रहमान)
ढाका, 18 जून बांग्लादेश में बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के हत्यारों सहित 26 दोषियों और युद्ध अपराधियों को फांसी देने के चलते “जल्लाद” कहे जाने वाले व्यक्ति को डकैती और हत्या के लिए तीन दशक से अधिक की सजा काटने के बाद रविवार को यहां की एक जेल से रिहा कर दिया गया।
ढाका केंद्रीय कारागार के परिसर से बाहर निकलते ही 74 वर्षीय शाहजहां भुइयां को पत्रकारों ने घेर लिया।
उसने मीडिया को बताया, “(जेल से निकलने पर) मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।”
भुइयां को 1991 में हत्या और डकैती के आरोप में 42 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। उसे 2001 में जेल अधिकारियों द्वारा एक जल्लाद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
बांग्लादेश की सरकार ने उसके द्वारा दी जाने वाली हर एक फांसी पर उसकी सजा दो महीने कम कर दी और उसकी सजा में इस तरह चार साल चार महीने कम हो गए।
जेल में अपने अच्छे आचरण के कारण भुइयां की करीब 10 साल की सजा माफ कर दी गई।
एक जल्लाद के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, भुइयां ने बांग्लादेश के संस्थापक बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान व उनके परिवार के अधिकांश सदस्यों की हत्या करने वालों के साथ करीब 26 कुख्यात अपराधियों को फांसी दी, जिससे मीडिया का ध्यान उसकी तरफ आकर्षित हुआ।
प्रशांत सुभाष
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