देश की खबरें | सीआरपीएफ महानिदेशक ने मणिपुर में सुरक्षा स्थिति, अभियानगत तैयारियों का जायजा लिया

नयी दिल्ली/इंफाल, 20 फरवरी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक (डीजी) ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने जातीय हिंसा से जूझ रहे मणिपुर में सीआरपीएफ की अभियानगत तैयारियों का जायजा लिया।

अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि सिंह ने राज्य में अर्धसैनिक बल के कई शिविरों का दौरा किया, जिसमें वह शिविर भी शामिल है, जहां एक जवान ने अपने दो सहकर्मियों को कथित तौर पर गोली मारने के बाद आत्महत्या कर ली थी।

सीआरपीएफ महानिदेशक मणिपुर के तीन दिवसीय दौरे पर हैं, जहां पिछले हफ्ते राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था।

अधिकारियों के मुताबिक, सिंह ने बुधवार को इंफाल वेस्ट जिले में 120वीं बटालियन के लामसांग शिविर का दौरा किया, जहां 13 फरवरी को एक जवान ने अपने दो सहकर्मियों को कथित तौर पर गोली मारने के बाद आत्महत्या कर ली थी।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “सिंह ने शिविर में मौजूद जवानों से सतर्क रहने, एक-दूसरे का सहयोग करने और अपना मनोबल ऊंचा रखने का आग्रह किया। उन्होंने जवानों को भरोसा दिलाया कि वह उनकी अभियानगत और व्यक्तिगत जरूरतों के लिए उन्हें पूर्ण समर्थन देंगे।”

अधिकारी के अनुसार, सिंह ने इंफाल में क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान संस्थान (आरआईएमएस) का भी दौरा किया, जहां सीआरपीएफ शिविर में गोलीबारी की घटना में घायल जवानों को भर्ती कराया गया है। इस दौरान, उन्होंने जवानों का इलाज कर रहे चिकित्सकों से बात की।

अधिकारी ने बताया कि सिंह ने हिंसाग्रस्त राज्य में शांति सुनिश्चित करने के लिए सीआरपीएफ के अभियानों की “रणनीतिक” समीक्षा की।

उन्होंने बताया कि सिंह ने बृहस्पतिवार को इंफाल में सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर और कांगपोकपी में 112वीं बटालियन परिसर में जवानों से बातचीत की।

अधिकारी के अनुसार, इस शिविर में “बड़ा खाना” (जवानों के साथ औपचारिक रात्रिभोज) का भी आयोजन किया गया।

उन्होंने बताया कि सीआरपीएफ महानिदेशक ने बुधवार को मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला और राज्य सरकार के सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की।

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