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कम कारोबारी सत्रों वाले सप्ताह में वैश्विक रुख से तय होगी शेयर बाजारों की दिशा : विश्लेषक

कंपनियों के तिमाही नतीजों का सीजन लगभग समाप्त हो चुका है. ऐसे में कम कारोबारी सत्रों वाले आगामी सप्ताह में शेयर बाजारों की दिशा काफी हद तक वैश्विक रुख से तय होगी. विश्लेषकों ने यह राय जताई है. विश्लेषकों का कहना है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक बढ़ती महंगाई के प्रभाव का आकलन कर रहे हैं.

कम कारोबारी सत्रों वाले सप्ताह में वैश्विक रुख से तय होगी शेयर बाजारों की दिशा : विश्लेषक
सेंसेक्स (Photo Credits Wikimedia Commons)

नयी दिल्ली, 14 नवंबर : कंपनियों के तिमाही नतीजों का सीजन लगभग समाप्त हो चुका है. ऐसे में कम कारोबारी सत्रों वाले आगामी सप्ताह में शेयर बाजारों की दिशा काफी हद तक वैश्विक रुख से तय होगी. विश्लेषकों ने यह राय जताई है. विश्लेषकों का कहना है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक बढ़ती महंगाई के प्रभाव का आकलन कर रहे हैं. अमेरिका और चीन ने पिछले सप्ताह मुद्रास्फीति के जो आंकड़े जारी किए हैं उनसे उम्मीद से पहले ब्याज दरों में बढ़ोतरी हो सकती है. इसके साथ ही बांड पर प्राप्ति बढ़ी है.अमेरिका में अक्टूबर में मुद्रास्फीति सालाना आधार पर 30 साल के उच्चस्तर 6.2 प्रतिशत पर पहुंच गई है. वहीं चीन में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक सालाना आधार पर 1.5 प्रतिशत बढ़ा है. उत्पादक मूल्य सूचकांक में सालाना आधार पर 13.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.

मुद्रास्फीति की चिंता तथा उम्मीद से पहले ब्याज दरों में बढ़ोतरी से स्थानीय बाजार प्रभावित हो सकते हैं. इस तरह के संकेतकों की वजह से विदेशी निवेशक भारत जैसे उभरते बाजारों से अपनी पूंजी निकाल सकते हैं. स्थानीय बाजार लगातार तीन दिन की गिरावट के बाद शुक्रवार को चढ़ गए. बीते सप्ताह तीन दिन बाजार टूटा लेकिन इसके बावजूद साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स 619.07 अंक या 1.03 प्रतिशत चढ़ गया. स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा, ‘‘दूसरी तिमाही के नतीजों के बीच शेयर विशेष आधारित गतिविधियां देखने को मिल रही हैं. अब बाजार का ध्यान वैश्विक संकेतकों पर रहेगा.’’ यह भी पढ़ें : Gujarat: राज्य के 3 शहरों के बाद अब अहमदाबाद में सड़क किनारे नॉन वेज फूड की बिक्री पर प्रतिबंध की मांग

सैमको सिक्योरिटीज में इक्विटी शोध प्रमुख येशा शाह ने कहा, ‘‘तिमाही नतीजों और त्योहारों का सीजन अब पीछे छूट चुका है. ऐसे में बाजार प्रभावित हो सकते हैं. मुद्रास्फीति में बढ़ोतरी की वजह से यदि विदेशी संस्थागत निवेशक बिकवाली करते हैं, तो स्थानीय कंपनियों का समर्थन नहीं मिलने पर यहां बाजारों में गिरावट आएगी.’’ थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़े सोमवार को आएंगे. इक्विटी99 के सह-संस्थापक राहुल शर्मा ने कहा, ‘‘इस सप्ताह कम कारोबारी सत्र रहेंगे. शुक्रवार को गुरुनानक जयंती पर बाजार में अवकाश रहेगा. तिमाही नतीजों का सीजन समाप्त हो चुका है. कुछ छोटी और मध्यम आकार की कंपनियों के ही परिणाम अब आने शेष हैं.’’ रेलिगेयर ब्रोकिंग के उपाध्यक्ष शोध अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘तिमाही नतीजों का सीजन बीत चुका है, ऐसे में अब निवेशकों का ध्यान एक बार फिर वैश्विक संकेतकों पर रहेगा.’’

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 14, 2021 11:07 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).