देश की खबरें | न्यायिक सेवा परीक्षा में दिव्यांग को सहायता लेने की अनुमति देने का निर्णय सराहनीय : रीजीजू

नयी दिल्ली, 30 अप्रैल कानून मंत्री किरेन रीजीजू ने ‘राइटर्स क्रैम्प’ नामक समस्या से जूझ रहे न्यायिक सेवा परीक्षार्थी को उत्तराखंड सिविल न्यायाधीश भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा लिखने के लिए एक व्यक्ति की सहायता लेने की अनुमति देने संबंधी उच्चतम न्यायालय के आदेश की रविवार को सराहना की।

प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने शनिवार को अंतरिम आदेश पारित किया।

‘राइटर्स क्रैंप’ नामक समस्या में किसी व्यक्ति को लिखने में परेशानी होती है।

रीजीजू ने ट्वीट किया, “माननीय प्रधान न्यायाधीश डॉ. डी .वाई. चंद्रचूड़ का मार्मिक कदम। उत्तराखंड में न्यायिक सेवा परीक्षा देने के इच्छुक दिव्यांग परीक्षार्थी के लिए बड़ी राहत।”

उन्होंने शीर्ष अदालत का रुख करने वाले परीक्षार्थी के वकील द्वारा ट्विटर पर पोस्ट किया गया स्क्रीनशॉट साझा करते हुए कहा कि पात्र व्यक्ति को समय पर न्याय मिलना “बहुत संतोषजनक” है।

परीक्षार्थी धनंजय कुमार ने लिखित परीक्षा के लिए एक व्यक्ति की सहायता लेने के संबंध में शीर्ष अदालत का रुख किया था।

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