नयी दिल्ली, 19 मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सांसद अमरा राम ने आजादी के 75 साल बाद देश के हर घर में नल से जल पहुंचाने के उद्देश्य से जल जीवन मिशन शुरू करने के लिए बुधवार को केंद्र सरकार का धन्यवाद दिया, हालांकि इस योजना को धरातल पर उतारने की जरूरत भी बताई।
लोकसभा में जल शक्ति मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदान की मांगों पर चर्चा में भाग लेते हुए माकपा सांसद ने कहा कि शहरों में बहुमंजिला इमारतों में भी जहां नल से जल पहुंच जाता है, वहीं गांवों में आजादी के कई दशक बाद भी पाइपलाइन से पेयजल पहुंचाने के बारे में नहीं सोचा गया था।
उन्होंने कहा, ‘‘आजादी के 75 साल बाद भी गांवों में नल से जल नहीं पहुंच रहा था, ऐसे में जल जीवन मिशन के तहत हर घर को नल से जल देने की योजना लाने के लिए सरकार का धन्यवाद है।’’
हालांकि, अमरा राम ने कहा कि उनके राज्य राजस्थान और विशेष रूप से शेखावाटी क्षेत्र में एक प्रतिशत गांवों में भी नल से जल नहीं पहुंचा है और पाइपलाइन बिछाने के लिए ग्रामीण सड़कों को भी बर्बाद कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में 70 प्रतिशत आबादी फ्लोराइड युक्त पानी से होने बीमारियों का सामना कर रही है।
अमरा राम ने सरकार से कहा कि गांवों में शुद्ध पेयजल पहुंचाने की योजना को धरती पर उतारने की जरूरत है।
समाजवादी पार्टी के पुष्पेंद्र सरोज ने जल जीवन मिशन के तहत उत्तर प्रदेश में 85 प्रतिशत ग्रामीण घरों में नल से जल पहुंचाने के सरकार के दावे पर सवाल खड़ा करते हुए पूछा कि मौजूदा वित्त वर्ष की तुलना में आगामी वित्त वर्ष के लिए जल जीवन मिशन की राशि आधे से भी कम क्यों कर दी गई है?
सपा सांसद ने भी जल जीवन मिशन के तहत बड़े स्तर पर ग्रामीण सड़कों की खुदाई होने और उन्हें ठीक नहीं किये जाने का दावा किया।
तृणमूल कांग्रेस की प्रतिमा मंडल ने पश्चिम बंगाल के सुदंरबन क्षेत्र में नदी तटबंधों के निर्माण और रखरखाव के लिए राशि आवंटित करने की मांग केंद्र सरकार से की।
चर्चा में आम आदमी पार्टी के गुरमीत सिंह मीत, एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के के. सुब्बारायण ने भी भाग लिया।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY