देश की खबरें | अदालत ने 2022 के यौन उत्पीड़न के मामले में व्यक्ति को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई

नयी दिल्ली, 27 अप्रैल दिल्ली की एक अदालत ने दिसंबर 2022 में एक महिला का यौन उत्पीड़न करने के जुर्म में एक व्यक्ति को सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुशील बाला डागर 41 वर्षीय व्यक्ति के खिलाफ सजा की अवधि पर दलीलें सुन रही थीं, जिसे भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (महिला की गरिमा को भंग करने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) और 354 बी (महिला के कपड़े उतारने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) के तहत दोषी ठहराया गया था।

अदालत ने 23 अप्रैल के अपने आदेश में कहा, ‘‘ दोषी को दी जाने वाली सजा घृणित कृत्य की गंभीरता के अनुरूप होनी चाहिए ताकि यह ऐसी ही सोच रखने वाले लोगों के लिए एक प्रभावी निवारक के रूप में काम कर सके।’’

अदालत ने पीड़िता और दोषी की आयु तथा उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति जैसी गंभीर परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उसे सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

मुआवजे के बारे में अदालत ने कहा, ‘‘पीड़िता को यौन उत्पीड़न, मानसिक और शारीरिक आघात का सामना करना पड़ा है। घटना के कारण न केवल पीड़िता बल्कि उसके परिवार के सदस्यों को भी अपमान सहना पड़ा है और इस घटना ने पीड़िता के मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक तौर पर बहुत बुरा प्रभाव डाला है। उसे वित्तीय सहायता की आवश्यकता है।"

इसके बाद अदालत ने उसे मुआवज़े के तौर पर तीन लाख रुपए दिए जाने का आदेश दिया।

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