नयी दिल्ली, एक जून दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक कंपनी को ‘डेवटॉल’ नाम से सैनिटाइजर का उत्पादन और बिक्री करने से रोक दिया है। अदालत ने कहा कि यह जान-मानी कंपनी ‘डेटॉल’ के ट्रेडमार्क और लोगो का उल्लंघन है।
वीडियो कांफ्रेंस से सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति राजीव शकधर ने डेवटॉल सैनिटाइजर के उत्पादक पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया और इस राशि को एक हफ्ते के भीतर किशोर न्याय कोष में जमा कराने का आदेश दिया।
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अदालत का यह आदेश रेकिट बेंकाइजर (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर आया है, जिसमें मोहित पेट्रोकेमिकल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को ‘डेवटॉल’ ब्रांड नाम से सैनिटाइजर की बिक्री करने से स्थायी रूप से रोकने का अनुरोध किया गया था।
न्यायमूर्ति शकधर ने कहा, ‘‘ यह गौर किया जाना चाहिए कि वादी (रेकिट बेंकाइजर) मशहूर एंटीसेप्टिक का निर्माता है और जिसे पंजीकृत ट्रेडमार्क और लोगो ‘डेटॉल’ के नाम से बेचा जाता है। वादी ने डेवटॉल द्वारा ट्रेडमार्क और लोगो के उल्लंघन के खिलाफ कई राहत देने का अनुरोध करते हुए अदालत का रुख किया था।’’
अदालत ने रेकिट बेंकाइजर के पक्ष में फैसला सुनाया। इस दौरान रेकिट बेंकाइजर का पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता चंदर लाल और वकील नैंसी रॉय ने रखा।
अदालत ने यह आदेश प्रतिवादी के वकील द्वारा यह बयान दिए जाने के बाद सुनाया कि कंपनी ‘डेवटॉल’ के नाम से सैनिटाइजर का उत्पादन या बिक्री नहीं करेगी।
उल्लेखनीय है कि डेवटॉल नामक उत्पाद ने कोविड-19 से रक्षा करने का दावा किया था।
प्रतिवादी के वकील उमेश मिश्रा ने कहा कि कंपनी ने उल्लंघन करने वाले ट्रेडमार्क को वापस लेने के लिए कदम उठाया है और पहले ही अपने एजेंटों और डीलरों को उन उत्पादों को वापस लेने के लिए पत्र लिख चुकी है, जिनपर उल्लंघन करने वाला ट्रेडमार्क अंकित है।
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