जरुरी जानकारी | न्यायालय ने भूषण स्टील को लेकर जेएसडब्ल्यू का प्रस्ताव खारिज किया, खुर्द-बुर्द करने का आदेश

नयी दिल्ली, दो मई उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को भूषण स्टील एंड पावर लिमिटेड (बीएसपीएल) के लिए जेएसडब्ल्यू स्टील की समाधान योजना को खारिज करते हुए इसे दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) का उल्लंघन बताया।

न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने आईबीसी के तहत बीएसपीएल के खुर्द-बुर्द यानी परिसमापन का आदेश दिया।

शीर्ष अदालत ने समाधान प्रक्रिया में सभी प्रमुख संबंधित पक्षों ... समाधान पेशेवर, ऋणदाताओं की समिति (सीओसी) और राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी)... के आचरण की आलोचना की, जिसके कारण आईबीसी का उल्लंघन हुआ।

न्यायमूर्ति बेला त्रिवेदी ने फैसला सुनाते हुए कहा कि समाधान पेशेवर कॉरपोरेट ऋण शोधन समाधान प्रक्रिया के दौरान अपने वैधानिक कर्तव्यों का पालन करने में विफल रहा, जबकि आईबीसी और इसके संबंधित नियमों के तहत यह अनिवार्य है।

पीठ के मुताबिक, यह पाया गया कि कर्जदाताओं की समिति ने अपने वाणिज्यिक विवेक का समुचित प्रयोग किए बिना ही जेएसडब्ल्यू की समाधान योजना को मंजूरी दी।

शीर्ष अदालत ने फैसले में एनसीएलटी के पांच सितंबर, 2019 के आदेश और राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण के 17 फरवरी, 2022 के फैसले को पूरी तरह से तथ्यों से परे और अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया और उन्हें रद्द कर दिया।

पीठ ने सीओसी द्वारा अनुमोदित जेएसडब्ल्यू की समाधान योजना को आईबीसी के अनुरूप न होने के कारण खारिज कर दिया।

न्यायालय ने साथ ही संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए एनसीएलटी को आईबीसी की धारा 33(1) के तहत बीएसपीएल के खिलाफ परिसमापन कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया।

विस्तृत आदेश की प्रति का अभी इंतजार है।

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